उद्यमियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लाएगी योगी सरकार

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार उद्यमियों के लिए प्रभावकारी सिंगल विंडो सिस्टम लाएगी ताकि सभी तरह की स्वीकृतियां उद्यमियों को एक स्थान पर मिल सके। इससे उद्यमियों में विश्वास का वातावरण बनेगा। इसी तरह निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के लिए ऑन लाइन ग्रीवान्स रिड्रेसल सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

डॉ. दिनेश शर्मा आज यहां योजना भवन में नई औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए बनी मंत्री समूह की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में अनवरत विद्युत आपूर्ति एवं सुरक्षा का पूरा माहौल सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है। इसके मौके पर उद्यमियों की ओर से, एसोचैम, फिक्की सी.आई.आई., पी.एच.डी. चैम्बर्स आफ कामर्स, टीसीएस, हिन्दुस्तान टॅूल्स, पतंजलि तथा अन्य कम्पनियों के लगभग 72 प्रतिनिधि मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में ऐसी उद्योग नीति बनायी जाय, जो अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हो। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि उद्यमियों को प्रत्येक स्तर पर अनुकल वातावरण मिले। इस मौके पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि यदि उद्यमियों के लिए जरूरी होगा तो सरकार एक्ट बनाने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि उद्यमी सकारात्मक सोच के साथ जायें, कि अब उत्तर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए अच्छा वातावरण बन रहा है। ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उद्यमियों को ओपेन एक्सेस से विद्युत खरीद करने के लिए छूट करने की बात कही।

इस मौके पर उद्यमियों ने भू-उपयोग परिवर्तन, भूमि अधिग्रहण में आने वाली कठिनाइयों, पर्यावरण क्लीयरेन्स, औद्योगिक सुरक्षा, समयबद्ध स्वीकृतियां, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, औद्योगिक आस्थान की जमीनों को फ्रीहोल्ड करने और नवीन उद्योगों को प्रोत्साहन देते समय पुराने उद्योगों पर भी ध्यान देने सम्बन्धित विषयों को उठाया।

इसके अलावा उद्यमियों ने लेबर रिफार्म, भूमि की उपलब्धता, सूक्ष्म उद्योगों के लिए अलग से नीति बनाने, अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने, वर्करों के लिए गृह निर्माण, ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट लगाना, डेयरी उद्योग एवं फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना ओपेन एक्सेस से विद्युत प्राप्त करने की छूट, भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद स्वतः म्यूटेशन की कार्रवाई आदि के संबंध में आने वाली कठिनाइयों से भी मंत्री समूह को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री ने उद्यमियां द्वारा उठाये गये बिन्दुओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श कर उसे नई नीति में शामिल करने का आश्वासन दिया।