जेवर एयरपोर्ट के लिए योगी सरकार ने केंद्र का जताया आभार

प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए केन्द्र सरकार ने ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला नई दिल्ली के इन्दिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीड़ और दबाव को कम करने के लिए किया है।सिविल एविएशन मंत्रालय ने एयरपोर्ट के लिए क्लियरेंस दे दी है। ऐसे में योगी सरकार ने इसके लिए केंद्र का आभार भी व्यक्त किया है।बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट से जेवर एयरपोर्ट की दूरी 86 किलोमीटर है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि 2003 से इस एयरपोर्ट की जरुरत महसूस की जा रही थी, लेकिन किसी राज्य सरकार ने इसमें रुचि नहीं दिखाई।


उन्होंने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर रोजाना छह करोड़ यात्रियों का बोझ होता है इसलिए इसे राज्य सरकार केन्द्र की मदद से जल्द से जल्द पूरा करवाएगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल में ही इसे हरी झंडी दे दी थी। यह देश का पहला सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय कार्गो हब भी बनेगा। एयरपोर्ट के लिए जेवर एरिया के 30 से अधिक गांवों की पांच हजार हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्स्प्रेस वे के जीरो प्वाइंट से जेवर के लिए मेट्रो की कनेक्टिविटी रहेगी।
नोएडा एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा। इस एयरपोर्ट पर 15 से 20 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा। आगरा, मथुरा जैसे शहर टूरिस्ट हब में बदल जायेंगे। अगले 10-15 वर्षों में नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रति वर्ष 30-50 लाख यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाएगा। एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही एक-दो दिन में अपनी सौ दिनों की उपलब्धियों पर श्वेत पत्र जारी करेगी।

आपको बता दें की सूबे में मायावती सरकार ने इस एयरपोर्ट को बनाने की मंजूरी दे दी थी। लेकिन बाद में जब सत्ता पलट हुई तो अगले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले पर रोक लगा दी क्योंकि वह इस एयरपोर्ट को आगरा में बनवाना चाहती थी। लेकिन तब भी केंद्र सरकार की तरफ की तरफ से इसे अभी तक हरी झंडी नहीं दिखाई गई। ऐसे में सूबे में बीजेपी की सरकार आने के बाद सीएम योगी ने इसे फिर से बनवाने का विचार किया है।