असॉल्ट राइफलों को लेकर सेना और निर्माता के बीच तकरार

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बीते माह स्वदेश में निर्मित असॉल्ट राइफल को सेना ने टेस्ट के बाद खारिज कर दिया था। अब इस मामले में सरकारी ऑर्डनेस फैक्टरी बोर्ड यानी ओएफबी ने दावा किया है कि ये राइफल बिना अटके बल्कुल सही काम कर रही है। हांलाकि सूत्र में के हवाले से खबरें आई थी कि सेना ने 7.62 एमएम x 51 एमएम असॉल्ट राइफल ट्रायल के बाद खरी नहीं उतरने पर सेना इसे इनकार कर दिया था। इसमें इस राइफल का तेज आवाज करना मुख्य कारण था।

सेना ने इस मामले में रक्षा मंत्रालय को एक पत्र लिखकर साफ तौर पर कहा था कि इस राइफल को विशेष तौर पर सुधार की आवश्यकता है। इसके डिजाइन और आवाज में सुधार की जरूरत है। जबकि राइफल निर्माता की तरफ से ये दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना के शीर्ष जनरल ने ट्रायल के दौरान इससे फायर किया था। जिसमें ये खरी उतरी थी। इस वक्त सेना को तकरीबन 1,85,000 असॉल्ट राइफलों की आवश्यकता है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय के पास सेना ने कई बार अनुरोध भेजा है।

इस असॉल्ट राइफल के सुधार के लिए सेना ने पत्र लिख कर रक्षा मंत्रालय को अवगत करा दिया है। सेना का कहना है कि ये हथियार युद्ध की स्थिति के लिए उपयुक्त नहीं है। अब सेना को जो हथियार चाहिए उसके साथ प्रयुक्त होने वाले सामानों को लेकर इसकी कीमत लगभग 1 लाख रहने की संभावना हो जाती है। ऐसे में इसका कुल बजट लगभग 1,850 करोड़ के आस-पास आयेगा।