आज भी दहेज लोभियों की भेंट चढ़ रहीं हैं महिलाएं

गोंडा। कहने को तो हम 20वीं सादी में कदम रख रहें हैं और पूरा हिंदुस्तान डिजिटल इंडिया का आगाज करने को तैयार है किंतु इसी हिंदुस्तान के गांवों की स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत है। आज जंहा देश के मेधावी व इंजीनियर व वैज्ञानिक दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे हैं। वहीं, लोग आज भी भूत – प्रेत व झांड फूंक में अपनी मूल्यवान जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। खबर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से है जंहा कुछ इसी तरह का मामला प्रकाश में आया है। यहां वजीरगंज थानाक्षेत्र के बालाराई गांव में एक विवाहित युवती को तीन साल से दहेज़ में मोटरसाइकिल लाने के लिए सुसरालवाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
प्रताड़ना से बुरी तरह विक्षिप्त हो चुकी विवाहिता गोल्डी को ससुराली प्रेतात्मा से पीड़ित बताकर झांडफूंक के लिए किसी तांत्रिक के पास ले गए। जिले के एसपी सुधीर सिंह पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बता रहे हैं कि तांत्रिक द्वारा झांडफूंक करने के दौरान शरीर के निचले हिस्से में जल गई है। जख्मी हालत में ससुराली रात्रि में चुपके से उसके मायके लाकर छोड़ गए। महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती करा के मायके वालों ने ससुराल वालों के विरुद्ध दहेज उत्पीडन का मामला पुलिस में दर्ज कराया।
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फिलहाल देहात कोतवाली क्षेत्र के माधाईपुर निवासी गोल्डी के पिता सांवल प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों के विरुद्ध दहेज़ उत्पीड़न सहित अनेकों संगीन धाराओं में मुकदमा दर्जकर जांच जारी कर दी हैं। इस पूरे प्रकरण में आश्चर्य की बात यह है कि अंधविश्वास को बढ़ावा देने व एक निर्बल विवाहिता को झांडफूंक के नाम पर बुरी तरह मारने पीटने व जला देने के आरोपी ढोंगी तांत्रिक के बारे में पुलिस को कुछ भी नहीं पता है। वह यह तक नहीं जानती की इस घटना का मुख्य हिंसक अपराधी तांत्रिक बाबा का नाम क्या है और उसका ठिकाना क्या है।
विशाल सिंह, संवाददाता