स्वास्थ्य सेवाओं पर आशा कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से की मुलाकात

देहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत से शनिवार रात उत्तराखण्ड महिला आयोग की सदस्य आशा बिष्ट के साथ अन्य कार्यकत्रियां प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मिलने पंहुची। बीजापुर हाउस में माननीय मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि आशा व ए.एन.एम. के बिना राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाना मुश्किल है।

मुख्यमंत्री रावत ने आशा कार्यकत्रियों को आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य में हमें एक ऐसा माॅडल तैयार करना है, जिसमें कार्य करने वाली आशा कार्यकत्रियों को कम से कम 5 हजार रुपए मानदेय मिल सके। इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यदि आशा कार्यकत्री किन्हीं कारणों से गर्भवती का प्रसव प्राइवेट अस्पताल में भी करवाती है तो भी उनको मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आशाओं को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से भी जोड़ा जाए। यदि आशा कार्यकत्री एम.एस.बी.वाय. रोगी को अस्पताल लेकर आती है तो इसके लिए भी आशाओं को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रसव के तीन माह तक महिला के स्वास्थ्य की देखरेख की जिम्मेदारी आशा कार्यकत्री को सौंपी जाए एवं इसका भी लाभ आशा कार्यकत्री को दिया जाए। उन्होंने कहा कि खून की कमी एवं ल्यूकोरिया में भी आशा कार्यकत्रियों को जोड़ा जाए।