छाया और अंतरा के जरिए होगा अब गर्भ निरोध

नई दिल्ली। देश मेम लगातार बढ़ रही जनसंख्या सरकार के लिए एक बड़े चिन्ता का विषय हैं। लोकिन इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए विकास की योजनाओं को सभी तक पहुंचाना और सभी के लिए जरूरी स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार को उपलब्ध कराना हर सरकार के लिए एक बड़ा यक्ष प्रश्न होता जा रहा है। इस बारे में सरकार कई बार जनसंख्या नियोजन के लिए प्रयास कर रही है। इस बार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने अपने इस प्रोजेक्ट में दो नए गर्भ निरोधकों को शामिल किया है। जिनको छाया और अंतरा का नाम भी दिया गया है।

इस नए गर्भ निरोधक के तौर पर शामिल छाया एक तरह की टैबेलेट है। जिसको छाया का नाम दिया गया है। दूसरा एक गर्भ निरोधक इंजेक्शन है, जिसको अंतरा का नाम दिया गया है, जिसको इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस बारे में मंत्रालय की ओर से जारी विक्षप्ति में जानकारी देते हुए बताया गया है कि छाया नामक ये टैबेलेट एक सप्ताह तक असरदार रहती है। जबकि इंजेक्शन का असर 3 हफ्तों तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही मंत्रालय अब इसे आमजन तक पहुंचाने की कवायद में जुटा है।

इसके लिए मंत्रालय इसकी आपूर्ति आम लोगों तक सुनिश्चित कराने के लिए आशा कर्मियों के जरिए इसके बेहतर वितरण हेतु एक नया सॉफ्टवेयर भी जारी कर रहा है। जिसमें इसकी परिवार के नाम और महिला के नाम के साथ इसको टैबेलेट या इंजेक्शन क्या दिया गया है पूरी डिटेल होगी । मंत्रालय की ओर से परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न प्रदेशों के अधिकतम जनसंख्या दर वाले 146 जिलों को पहले चिन्हित किया गया है। जहां पर इस अभियान को मिशन परिवार विकास के नाम से चलाया जा रहा है। मंत्रालय का मानना है साल 2020 तक देश में आवश्यक आधुनिक गर्भ निरोधकों की मांग को मंत्रालय पूरा कर लेगा।