तेजस्वी यादव का सुशील मोदी पर वार, कहां भोजन रद्द होने पर कहां थी हिम्मत

पटना।  उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सुशील मोदी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद को ललकारा था। तेजस्वी यादव ने सुशील पर तंज कसते हुए कहा कि उसकी हिम्मत उस वक्त कहां थी जब नरेंद्र मोदी के सम्मान में दिया गया भोजन रद्द कर दिया गया था। उस वक्त उन्होंने क्यों राज्य सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया था। उन्हें ये पता होना चाहिए कि में महागठबंधन अच्छे से चल रहा है।

बता दें कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का कहना है कि सुशील मोदी गठबंधन तोड़ने की बात कहकर बीजेपी को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि वो उनके इर्द गिर्द घुमते रहे। तेजस्वी का कहना है कि लालू ने हमेशा बिहार को संघी आग से बचाया है। उन्होंने हमेशा बिहार को एक सुत्र में बांधकर रखा है। तेजस्वी ने कहा कि सुशील मोदी जरा उस सुरमा का नाम तो बताएं जिसने लालकृष्ण आडवाणी के साम्प्रदायिक रथ का चक्का जाम कर दिया था?

वहीं नरेंद्र मोदी जब दो दशक बाद अपनी सारी ताकत झोंक कर बिहार जीतने आए तो सुशील को पता होगा कि किसने अपनी हिम्मत से उसके सारे सपनों को मसल कर रख दिया। तेजस्वी ने कहा कि अगर सुशील मोदी में हिम्मत थी, तो उनके ही नेताओं के पैसे लेकर टिकट बांटने के आरोप पर पार्टी से इस्तीफा क्यों नहीं दिया?

साथ ही लोकसभा चुनाव में गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे जैसे नेताओं का जवाब देते क्यों नहीं बना? भोला सिंह, कीर्ति आजाद, गोपाल नारायण सिंह और शत्रुघ्न सिन्हा के आरोपों पर जवाब क्यों नहीं देते? हिम्मती वह होता है जो विषमताओं से लड़ते हुए सिद्धांतों के लिए खत्म हो जाता है। सूखी रोटी खा लेता है पर चापलूसी की बीन नहीं बजाता है।