आखिर कब जागेगा रेलवे प्रशासन, होते होते बचा बड़ा ट्रेन हादसा

हरदोई। कानपुर रेल हादसे की घटना चौंकाने वाली रही है, इस घटना में जांच एजेंसियों ने आईएस का हाथ होने का दावा किया है। कानपुर में उसके बाद कई रेल हादसे में पटरियों को उखाड़ने की घटना सामने आने के बाद रेल विभाग से लेकर आरपीएफ महकमा रेल पटरियों की लगातार पेट्रोलिंग का दावा करता है लेकिन हकीकत इससे कही कोसो दूर है और हादसों के बाद भी रेलवे की नींद अभी नहीं खुली है। शनिवार को हरदोई में एक बड़ा हादसा होते होते बचा, रेलवे प्लेटफार्म पर ही रेल की पटरी चटकी थी लेकिन किसी भी रेलवे स्टाफ की नजर नहीं पड़ी और कई ट्रेन रेलवे पटरी से गुजरती रही। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन संचालक की नजर पड़ी तो उसने सूचना दी जिसके बाद रेल पटरी को बदलने का काम शुरू हुआ।

इस घटना के बाद से ऐसा कहा जा सकता है कि रेलवे प्रशासन पूरी तरह रेल सुरक्षा के प्रति मुस्तैद नहीं है जिसके चलते हरदोई में एक रेल हादसा होते होते बच गया। दरअसल अचानक कुछ लोगो की नजर प्लेटफॉर्म एक पर चिटकी पटरी पर तब पड़ी जब एक ट्रेन गुजरने के दौरान एक अलग सी आवाज सुनाई दी तो लोगो ने रेल लाइन पर जा कर देखा तो रेल की पटरी पूरी चटकी हुई देखी तो उसने आनन फानन में आरपीएफ को सूचित किया। जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और रेल पथ दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो सकी।सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे आरपीएफ कंम्पनी कमांडर बच्चे सिंह ने रेलवे के उच्चाधिकारियों को सूचित किया।

रेल लाइन चिटकी होने की सूचना से अधिकारियो में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने मौके का निरिक्षण कर रेल लाइन बदलने का कार्य आरंभ कर दिया।हालांकि इस दौरान कई ट्रेन इसी ट्रेक से गुजर भी गयी लेकिन चुकी मामला प्लेटफार्म का था इसलिए गाड़ियों की गति वैसे भी कम हो जाती है लेकिन सोचने वाली बात यह है की यह घटना प्लेटफॉर्म की थी तो लोगो की नजर पड़ गयी वरना किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

 -आशीष सिंह