जानिए क्या है शिकारी जनरल का इंटरनेशनल कनेक्शन?

मेरठ। मेरठ में रिटायर्ड कर्नल के घर हुई छापेमारी में मिले हथियारों का जखीरा और जानवरों के खाल का सीधा इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। पुलिस की शुरूआती जांच में पता चला है कि कर्नल के घर पर मिलें ज्यादातर हथियार और कारतूस भारत के नहीं बल्कि विदेशों से है। इस बात के संकेतों से भी इंकार नहीं जा सकता है कि जो विदेशी तस्कर आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था उनका नाता भी कर्नल की कोठी से ही था।

उन्हीं की निशानदेही पर मेरठ की इस कोठी से लेकर दिल्ली तक में छापेमारी हुई। डीआरआई ने जो लिंक निकाले हैं उसके मुताबिक इस पूरी टीम का इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। इस्तांबुल से लेकर स्लोवेनिया तक इसके तार जुड़े हैं। स्लोवेनिया गणराज्य मध्य यूरोप में है जिसमें गत सालों में प्रवासियों के घुसने पर रोक लगा दी थी। आस्ट्रिया, क्रोएिशया जैसे देश भी प्रवासियों पर कई बार प्रतिबंध लगा चुके हैं। इसके बाद हथियारों के तस्करों ने नया नेटवर्क डेवलप किया और वाया इस्तांबुल इस पर काम शुरू किया।

शूटिंग की आड़ में वन्य जीवों का शिकार और तस्करी का यह धंधा प्रशांत और उसकी टीम ने देश भर में फैला रखा था। इसका नेटवर्क देश के विभिन्न बड़े राज्यों में खड़ा किया। दरअसल, प्रशांत की सिक्योरिटी एजेंसी 14 राज्यों में काम करती है। उसे बिहार में पांच सौ नील गायों को मारने का ठेका मिला, तो इसी की आड़ में बड़ा खेल किया गया। डीआरआई की टीम की मानें तो प्रशांत ने इस धंधे को बड़ा करने के लिए इस खेल से जुड़े कई पुराने लोगों को अपने साथ जोड़ा। पूरे देश में इस काम को शुरू किया गया। चूंकि इस टीम के पास नील गायों को मारने की अनुमति है, तो इसी की आड़ में वन्य जीवों का लगातार शिकार किया गया।

बिहार में जब पांच सौ नील गायों को मारने का ठेका मिला, तो सबसे बड़ा खेल इसी की आड़ में हुआ। रिटायर्ड कर्नल की कोठी में मिला जखीरा

मेरठ में रिटायर्ड कर्नल देवेन्द्र कुमार के यहां मिले हथियार और कारतूसों के जखीरे का सीधा इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। इस कोठी में हुई कई पार्टियों में भी विदेशी लोग शामिल रहे थे। खुफिया तंत्र के रडार पर अब कई ऐसे नामी लोग हैं। नेता से लेकर अभिनेता तक पर खुफिया विभाग की निगाह है।

सिविल लाइन की यह कोठी हालांकि कई बार पार्टियों के आयोजन को लेकर चर्चा में आई पर अब इस नए खुलासे के बाद सभी की निगाहें उन पार्टियों में शामिल हुए लोगों पर भी फोकस करने लगी हैं।

कर्नल की कोठी में मिले असलाह विदेशी थे। उधर आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़े गए विदेशी तस्करों से भी 25 विदेशी हथियार मिले थे। उनका सीधा संबंध कर्नल की कोठी से था। उन्हीं की निशानदेही पर मेरठ की इस कोठी से लेकर दिल्ली तक में छापेमारी हुई। डीआरआई ने जो लिंक निकाले हैं उसके मुताबिक इस पूरी टीम का इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। इस्तांबुल से लेकर स्लोवेनिया तक इसके तार जुड़े हैं।

स्लोवेनिया गणराज्य मध्य यूरोप में है जिसमें गत सालों में प्रवासियों के घुसने पर रोक लगा दी थी। आस्ट्रिया, क्रोएिशया जैसे देश भी प्रवासियों पर कई बार प्रतिबंध लगा चुके हैं। इसके बाद हथियारों के तस्करों ने नया नेटवर्क डेवलप किया और वाया इस्तांबुल इस पर काम शुरू किया। इतने कारतूस की पूरी मेरठ पुलिस पर भारी पड़ते

मिले वन्य जीवों के अवशेष अब कई शूटर भी रडार पर भले ही मेरठ पुलिस इस मामले में ठंडी पड़ी हो पर खुफिया टीमों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। भारत खबर ने इस मसले पर मेरठ आईजी से बातचीत करनी चाही तो वो इस मसले से दूरी बनाते नजर आए।

 शानू भारती, संवाददाता