अपने बिगड़ते रिलेशन के बचाना चाहते हैं तो ये जानना आपके लिए है जरूरी

नई दिल्ली। हम भागदौड़ की जिन्दगी में कभी कभी अपने रिश्तों को लेकर संजीदा नहीं हो पाते हैं ऐसे में ये रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाते हैं। उस वक्त हमें एहसास होता है कि हमारे सब कुछ छूट रहा है। लगातार बिगड़ते रिश्तों और उसके बीच हमारा परिवार कैरियर और लाइफ तबाह हो जाती है। हम रिश्तों को जोड़ने के बजाय लापरवाही में इन्हे और बिगाड़ते चले जाते हैं। हम ये सोच नहीं पाते हैं कि जिस साथी के साथ हमने अपना मन,तन सब कुछ समर्पित कर दिया, आने वाले भविष्य को लेकर कई योजनाएं बनाई। ऐसे रिश्ते और ऐसे साथी को लाइफ से इतनी आसानी से जाने देना समझदारी तो नहीं है। क्योंकि हर रिश्ते में हमें कहीं ना कहीं समझौता करना पड़ता है। कितना बड़े से बड़ा झगड़ा हो लेकिन बातचीत से उसे सुलझा लिया जाता है।

आज कल रोज अदालतों में वैवाहिक रिश्ते टूट रहे हैं, घर बिखर रहे हैं। अदालतें भी इन रिश्तों को जोड़ने के लिए कई तरह के समझौते के केन्द्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहारा ले रही हैं। इन्हीं रिश्तों को आप अगर वाकई में जोड़ना चाहते हैं तो आपके लिए हम कुछ विकल्प और रास्ते बता रहे हैं जिस पर आप अमल कर अपने रिश्तों को बचा सकते हैं।

जब आपके साथी और आप दोनों के बीच दूरियां और मनमुटाव इस कदर बढ़ जाये कि एक दूसरे को याद भी करना आप ना चाहते हों तो एक दूसरे को अपनी तरह वापस लाने के लिए उन्हें उनकी खूबियों को याद दिलाने की कोशिश करें, जिन खूबियों पर आप अपने साथी पर मर मिटे थे उन्हे याद करिए क्योंकि शादी के बाद अक्सर लोग कहते हैं कि बदलाव आ जाता है लेकिन कुछ आदतें होती हैं जो कि हमेशा बनी रहती हैं हम उनके लिए ही करीब आये थे इस लिए उनके ही याद करना और कराना चाहिए।

रिश्तों में आई तल्ख दरारें और बिगाड़ को तूल देकर जल्दबाजी में रिश्तों को तोड़ना गलत हैं। अगर आप ये सोच रहे हैं कि आप का कहना आपके पार्टनर के लिए सही है तो यही सोच उसकी भी हो सकती है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने का बजाय इसे समय दें एक दूसरे से बातचीत करने की कोशिश करें। इसके साथ ही दोनों एक दूसरे से बात नहीं करते हैं तो किसी रिश्तेदार के जरिए अपने संदेश एक दूसरे तक पहुंचाएं इसके साथ ही ये देखें कि आखिर आप दोनों के बीच तनाव है किस बात को लेकर इससे कैसे दूर किया जा सकता है।

बिगड़ते रिश्तों को बचाने के लिए आगे आना एक बड़ा कदम होने के साथ आपकी समझदारी का एहसास करता है। भले ही आपका साथी आपका सहयोग नहीं कर पर आप अपना प्रयत्न जारी रखें उसे मनाने और समझाने की हर कोशिश करें। उससे बात करने से आपको बड़ी राहत मिल सकती है, आपके बिगड़ते रिश्ते एक बार फिर बन सकते हैं। इसलिए केवल बातचीत की कोशिश करें। इसके साथ ही कुछ बातों पर आपको खासा गौर करने की जरूरत है।

1- कोई भी फैसला लेने के पहले सारे पहलूओं पर गौर करें।
2- अपनी बात को सामने वाले के सामने रखने में कोई कोताही ना बरतें।
3- आपके दिल में अपने साथी के लिए जो भी हों उसे रखें, रोएं उसको प्यार जताने की कोशिश करें क्योंकि ये आपके पास आखिरी मौका हो सकता है।
4- दुनियां का कोई ऐसा झगड़ा नहीं है तो सुलझ नहीं सकता है। आप बातचीत का रास्ता अपनाएं क्योंकि ये सबसे बढ़िया रास्ता है। आप अपनी गलतियों के लिए अपने साथी से सॉरी कहें।
5- कुछ लोग ज्यादा बोलते नहीं है उनकी चुप्पी को नकारात्मक ढंग से नहीं लेना चाहिए हो सकता है वो रिश्तों के टूटने के चलते दुखी हों।
6- बातचीत और रिश्तों के बीच अहम को ना आने दें। जहां प्यार होता है वहां कोई बड़ा और छोटा नहीं होता है।
7- अगर आपके बीच बातचीत बंद हो तो किसी दोस्त या करीबी का सहारा लें।
8- इसके साथ ही अपने साथी पर ये जताने के कोशिश ना करें कि आप रिश्ता निभाकर उस पर एहसान कर रहें हैं।
9- लड़ाई के वक्त कभी एक-दूसरे पर अपने कुछ ऐसा कह जाते हैं जो गलत होता है लेकिन इन बातों को दिल पर ना लें क्योंकि गुस्से में सोचने-समझने की क्षमता-क्षीण हो जाती है।
10- एक दूसरे का बातों को समझें कोशिश करें कि जिस वजह से आप दूर हुए हैं वो खत्म हो जाए और आप फिर एक हो जाएं।

इसके साथ ही एक बात जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। प्यार एक एहसास है इसमें एक समर्पण है आप अगर अपने रिश्तों अपना घर संसार और परिवार बचाना चाहते हैं, तो साथी के साथ रिश्ता यह सोचकर तोड़ना कि मेरी ये ख्वाहिशें या उनकी आदतें आपके अनुकूल नहीं हैं। आपके इन सभी के बीच रहते हुए अपना निस्वार्थ प्रेम प्रकट करना होगा। स्थितियां धीरे-धीरे सुधरती जाएंगी।