अमेठी के मतदाता बोले, ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’!

अमेठी। उत्तर प्रदेश के चुनावी माहौल में 19 फरवरी को तीसरे चरण के मतदान होने वाले हैं। 19 फरवरी को होने वाले मतदानों के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। एक तरफ प्रशासन चुनावों की तैय़ारियों में जुटा हुआ है तो दूसरी तरफ मतदाताओं ने भी तैयारियां कर ली है। मतदान से 3 दिन पहले अमेठी के परसौली गांव के लोगों ने सड़क की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया है। गुरूवार को ग्रामीणों ने सड़कों पर निकलकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारे लगाए ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’।

वहीं, सूचना मिलते ही गांव पहुंचा प्रशासनिक अमला ग्रामीणों को समझाने में लग गया। इससे पहले राज्यसभा सांसद संजय सिंह सहित सभी दलों के प्रत्याशी चुनाव में मतदान करने की अपील कर चुके हैं, लेकिन ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर अड़े रहे।

राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में ग्राम सभा कटरा फूल कुंवर के पारसौली गांव की आबादी लगभग 2000 है। परसौली वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के भी करीबियों की ग्रामसभा भी है। ग्रामीणों का कहना है कि 10 सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं। कई बार शासन-प्रशासन से सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने झूठे वायदों से ऊबकर 2017 के चुनाव का सामूहिक बहिष्कार कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण ने मीडिया से बातचीत करते समय कहा कि गांव से निकलने का रास्ता तक जब नेताओं ने नहीं बनवाया तो लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता का कोई मतलब नहीं है। दुर्गेश कुमार ने कहा कि नेता जनता की नहीं सुनते हो हम भी उनकी नहीं सुनेंगे। शुभम, हिर्दयराम, राम प्रसाद, अब्दुल शर्मा ने कहा कि नेताओं ने परसौली के लोगों को छला है। अब हम भी अपने को मतदान से अलग कर रहे हैं।