जानिए कहां पर बच्चे के पैदा होते ही उसका गला क्यों घोट देती है मां

नई दिल्ली। किसी भी घर में जब कोई नन्हा मेहमान आता है तो सारा परिवार खुशियों में झूम उठता है। उस नए मेहमान का स्वागत जोरो-शोरों से किया जाता है। दादी नजर उतारती है, नानी स्वेटर बनाती और पापा ढ़ेर सारे खिलौने लेकर आते हैं लेकिन क्या आपने घर में नए मेहमान के आने से दुखी हुआ हो। आपको यह बात पढ़ने के बाद शायद थोड़ी हैरानी होगी लेकिन यह सच है एक घर ऐसा भी है जहां पर बच्चे के जन्म के बाद खुशियां नहीं बल्कि मातम मनाया जाता है। वो जगह है अंडमान निकोबार द्वीप समूह। जी हां अंडमान में एक जनजाति है जारवा जहां पर लोग पैदा होते ही अपने बच्चे को मौत के घाट उतार देते हैं।

आइए जानते हैं कि आखिरकार ये लोग ऐसा क्यों करते हैं, क्यो है अपने ही बच्चे को मौत की घाट उतारने की कहानी।

दरअसल, इस जनजाति के सभी लोगों का रंग बेहद काला होता है। यदि बच्चा काले रंग की बजाय थोड़ा सा भी गोरा पैदा हो जाए तो मां को डर होता है कि कहीं उसके समुदाय का ही कोई बच्चे को मार न डालें। यहां पर गोरे बच्चे को हीन भावना से देखा जाता है इसलिए पैदा होते ही गोरा बच्चे को मार दिया जाता है।

इस द्वीप की परंपरा के अनुसार यदि बच्चे की मां विधवा हो जाए या फिर उसका पिता किसी दूसरे समुदाय का हो तो बच्चे को मार दिया जाता है और इसके लिए कोई सजा नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं द्वीप पर जहां पर यह समुदाय रहता है वहां पर किसी अन्य समुदाय के लोगों का आना-जाना पूरी तरह से वर्जित है।