बदलते मौसम का कहर, अस्पतालों में बढ़ रहे हैं वायरल बुखार के मरीज

मेरठ। बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखना भारी पड़ सकता है। इन दिनों वायरल बुखार का हमला शुरू हो गया है। घर-घर में लोग वायरल से पीड़ित होने लगे हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पताल के रिकार्ड के मुताबिक इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या ढाई हजार से बढ़कर लगभग चार हजार हो गई है। इनमें बड़ी संख्या में मरीज वायरल बुखार के हैं। इस साल फरवरी में ही मौसम में बड़ा बदलाव होने से अस्पताल की ओपीडी में वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाला हर पांचवां मरीज मरीज गले में इंफेक्शन, खांसी से पीड़ित है। अस्थमा के मरीजों की सांसें उखड़ने लगी हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले कुछ मरीज मच्छर जनित रोग मलेरिया की चपेट में हैं। अस्पताल में आने मरीजों की मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिए जाने शुरू हो गए हैं। ओपीडी में अस्थमा के मरीज भी पहुंच रहे हैं। मौसम में आए बदलाव और फूलों के खिलने और हवा में फैले परागकण से सांस लेने में तकलीफ होनी शुरू हो गई है।

अस्पताल में सीट फुल है, ऐसे में अधिकरियो का कहना है, कि उन्होंने अपनी तमाम तैयारियां इस वायरल से निपटने के लिए कर ली है, और उन्होंने इससे बचने के सुझाव भी दिए। मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां लेकर आता है।’ मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव के अनुसार शरीर अपने आप को ढाल नहीं पाता और हम बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। सूती व ही पहनें और नायलॉन से बने कपड़ों से परहेज करें। इन दिनों खान-पान तथा पहनावे पर ध्यान देने की जरूरत है। थोड़ी सी गर्मी लगने पर फौरन पंखा चलाने की जरूरत नहीं है। ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। अगर सिरदर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें। चिकित्सक की सलाह से रक्त जांच अवश्य कराएं। पानी का भरपूर मात्र में सेवन करें .पौष्टिक आहार लें, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस मौसम में सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें। सुबह की सैर के साथ योग भी अच्छा व्यायाम है।मच्छरों से बचाव करें ’ फ्रिज में रखी खानेपीने की चीजों को ठीक से गर्म करें .सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द, जुकाम हो तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें। सुबह शाम पूरी अस्तीन और हल्के गर्म कपड़े पहनकर निकले।

भले ही मेरठ का स्वास्थ्य महकमा लाख दावे कर रहा हो की मरीजों का ख्याल रखने के लिए उनके इंतजामात ठीक हैं लेकिन मरीजों की बदहाली और उनके तीमारदारों की परेशानी साफ जाहिर कर रही है कि अस्पताल बेहाल है। और मरीजों की ओवरलोड से जूझ रहे हैं । ऐसे में जरूरत है चिकित्साधिकारी बेहतर सुविधाओं पर ध्यान दें।

 -राहुल गुप्ता