शाहजहांपुर में आचार संहिता उल्लंघनः बांटी गईं लुभावनी किताबें

शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक बार फिर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का बङा मामला सामने आया है। इस बार ये मामला बीएसपी प्रत्याशी को जिताने के मुसलमानों से किताबें बाटकर जिताने की अपील की हैं। इस किताब पर ऐसे फोटो छापे गए है जिससे कभी भी दंगा भड़क सकता है। किताब में जलालाबाद विधानसभा प्रत्याशी नीरज मौर्या को जिताने की अपील की है। वहीं क्षेत्र वासियों में इस तरह की किताबे बाटे जाने को लेकर खासी नाराजगी है। तो वही लोगो का कहना कि बीते शुक्रवार को ये किताबे नमाज के बाद मस्जिदों बाटी गई थी।

चुनाव करीब आते ही नेता तरह तरह के हथकंडे अपनाने की कोशिश करते हैं। चाहें उस हथकंडे से दंगा भङके भावनाएं आहत या चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो इसके बारे में बिलकुल भी नहीं सोचते। ऐसा ही मामला यूपी के शाहजहांपुर में जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में हुआ है यहां बीएसपी संदेश की लिखी हुई सैकड़ों किताबे गांवों बांट दी गई।उस किताब पर मुसलमानों से अपील की गई हैं कि वह इस बार चुनाव मे बीएसपी प्रत्याशी नीरज को वोट देकर जिताएं। क्योंकि सपा भाजपा और कांग्रेस ने कभी मुसलमानों का भला नही किया। इन पार्टियों ने कभी मुसलमानों को आगे नही बढने दिया। सपा भाजपा ने हमेशा मुसलमानों को दंगे झोंका है। इस किताब में कुछ दंगो के बारे में भी जिक्र किया गया है। उस दंगे से संबंधित फोटो भी इस किताब पर छपे हैं। इससे अंदाजा लगया जा सकता है कि दंगा कराने की पूरी कोशिश की जा रही है जब ये मामला एसडीएम के संज्ञान में आया तो एसडीएम ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और किताब पर लिखे सौजन्य से अल्पसंख्यक कल्याण समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जलालाबाद के रहने वाले वीरन त्रिपाठी का है कि चुनाव मे नेता किसी भी तरह से जितना चाहते हैं। चाहें उस तरीके से दंगा भङके किसी भी समुदाय की भावनाएं भङके लेकिन नेताओ को सिर्फ चुनाव जीतना होता है। ऐसे नेताओ कि खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल डालना चाहिए यहां ये किताबे बांटी गई है इसमे बीएसपी प्रत्याशी का नाम लिखा है। साफ है कि उन्ही के गुर्गों ने यह किताबे बांटी होंगी। क्योंकि मौजूदा विधायक भी बीएसपी पार्टी के ही है।

एसडीएम एसपी सिंह ने बताया कि आपत्तिजनक किताब बांटने का मामला मेरे संज्ञान आया था। उस किताब को मंगाकर देखा तो उसमे सांप्रदायिक भावनाओं को भङकाने जैसी बाते लिखी थी। उस किताब पर किसने छपवाई है उसका नाम नही लिखा हैं। उस किताब पर सौजन्य से उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण मंच लिखा हें उसी मंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

 -अभिषेक सिंह चौहान