कैसे एक बहू बनी देश के लिए स्वच्छता की मिसाल

नई दिल्ली। परिवार में छोटा सा हादसा भी इंसान को तोड़ कर रख देता है। लेकिन आगरा की इस बेटी का साहस लोगों को सीख देने वाला है। जो परिवार में इतना बड़ा हादसा होने से भी नहीं टूटी ऐसे मुश्किल वक्त में कल्पना ने जो कर दिखाया वो हर कोई नहीं कर सकता। अपनी ही शादी में परिवार के 15 लोगों की मौत किसी के भी पैरों तले जमीन खिसका सकती है। बड़े से बड़ा सहासी भी ऐसे वक्त में टूटकर बिखार जाएगा। लेकिन कल्पना ने खुद को बिखरनें नहीं दिया और साहस दिखाते हुए ससुराल पहुंची और पहुंचते ही ससुराल में शौचालय बनवाकर इतिहास रच दिया और ब्रांड एंबेसडर बन गई। इसके साथ ही उसे पीएम मोदी से मिलने का भी मौका मिलेगा।

जानिए क्या था पूरा मामला

दरासल हुआ यूं कि 5 मई को कल्पना की लगुन लेकर उसके परिवार वाले एटा के नगला लाल सिंह गांव गए थे। जब उसके परिवार वाले वहां से वापस लौट रहे थे तो सड़क हादसे में भाई समेत 15 परिजनो की मौत हो गई। 9 मई को गमगीन माहौल में उसकी शादी हुई और कल्पना अपने ससुराल नगला लाल सिंह आई। इतनी बड़ी घटना के बाद खुद को सभांलते हुए जो उसने कर दिखाया वो काबिले-ए-तारिफ है। वहां आकर जब उसने देखा कि उसके ससुराल में शौचालय नहीं है तो उसे बहुत बुरा लगा और वो उदास हो गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। शादी के अगले दिन डीएम अमित किशोर ने हाल चाल पूछने के लिए उसे फोन किया तो उसने ससुराल में शौचालय ना होने की बात बताई। उसके बाद डीएम अमित किशोर नगला लाल सिंह पहुंचे और शोचालय बनवाने में उसकी मदद की।

ऐसे बनाया कल्पना के साहस ने उसे ब्रांड एंबेसडर

बता दें कि डीएम कल्पना की ससुराल में शौचालय निर्माण की इस शुरुआत को देखकर बहुत खुश हुए। उसके बाद उन्होंने शौचालय बनवाने में उसकी मदद की। कल्पना के इस साहस को देखकर डीएम द्वारा उसे ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का ब्रांड एंबेसडर भी घोषित कर दिया। इतना ही नही उन्होंने गांव वालों के सामने यह भी वादा किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लेकर कल्पना को मिलवाएंगे।