वसुंधरा राजे अगले माह जैतून चाय आलिव टी को करेगीं लाँच

नई दिल्ली। राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि राजस्थान में अगले माह मुख्यमंत्री बसुन्धरा राजे जैतून चाय आलिव टी लाँच करेंगी। इस प्रकार राजस्थान पूरे एशिया में आलिव टी की शुरुआत करने वाला पहला प्रदेश बन जायेगा।

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श्री सैनी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में फिक्की द्वारा आयोजित एग्रो मार्केटिंग पर आयोजित कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में आयोजित ग्लोबल एग्रीटेक ग्राम में ओलोटिया कंपनी के साथ हुए एम ओ यू के आधार पर जयपुर के निकट बस्सी के एक फार्म पर आलिव टी की फैक्ट्री लगाई गई है जिसमे एक्सपर्ट टीम द्वारा जैतून की चाय की गुणवत्ता और उसमें मिलाए जाने वाले तत्वों आदि की जांच कर ली गयी है।
सैनी ने बताया कि जैतून की खेती विशेष कर बीकानेर जिले के लूणकरणसर में होती है। देश की पहली जैतून की रिफाइनरी लगाने आदि में राजस्थान अग्रणी प्रदेश बन कर उभरा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रेरणा से इजरायल से एक लाख पौधों का आयात कर राज्य में जैतून की खेती का प्रयोग शुरू किया गया था। साथ ही इजरायल के साथ राजस्थान आलिव कल्टीवेशन लिमिटेड आर ओ सी एल संयुक्त उद्यम की स्थापना भी की गई। वर्तमान में राज्य के 8 कृषि फार्म्स के 5000 हेक्टर क्षेत्रों में यह खेती की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उदयपुर में देश की पहली लघु उपज वन मंडी खोली गई है जिसमे 26 प्रकार की औषधीय महत्व की वन उपजों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गत दो वर्षों में इस आदिवासी क्षेत्र में किसानों की आमदनी में सुधार हुआ है और उन्होंने 1600 करोड़ रु. का रिकार्ड व्यवसाय किया है।
श्री सैनी ने बताया कि प्रदेश के सभी वेयर हाउस को मंडी घोषित किया जा रहा है। एक देश एक व्यापार विजन को भी प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कृषि उत्पादन उत्पादकता गुणवत्ता पानी का प्रबंधन न्यूट्रेशन वेल्यू एडीशन आपदा प्रबंधन आदि सारी विधियों को अपनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया राज्य की 25 मंडियों को नेशनल एग्रीकल्चर मार्किट ई नाम और 125 मंडियों को राजस्थान इंटीग्रेटेड मंडी मैनेजमेंट सिस्टम रिम्स से जोड़ा गया है। देश में राजस्थान इस प्रकार की व्यवस्था करने वाला पहला राज्य है। सभी मंडियों को वाकी-टाकी से भी जोड़ने की योजना है। इसके लिए एग्रोटेक टावर बनाये जाएंगे। प्रदेश की 23 कृषि मंडियों को जिन्हें उत्पादन व विपणन की धारणानुसार विशिष्ट जीन्स मंडियों का दर्जा भी दिया गया है का लाभ व्यापारियों को मिल रहा है। राज्य की 29 मंडियों में सरसों आयल टेस्टिग लेब बनाई गई है। इससे आयल ग्रेडिंग द्वारा बिचौलियों को समाप्त कर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।