वाराणसी की शबाना को ईद पर मिला यादगार तोहफा

वाराणसी। ईद का त्यौहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है,इस त्यौहार पर सभी लोग एक दूसरे को गले लगा कर खुशीयां बांटते है और यह त्यौहार मुस्लिम समुदाय यह त्यौहार बहुत ही खास होता है। लेकिन आज के कोई ऐसा भी है जिसके पास ना तो पहनने के लिए ना तो नये कपड़े है और ना ही खाने के लिए सेवईयां है। वाराणसी की रहने वाली शबाना के घर ईद के त्यौहार को मनाने के कोई तैयारी नहीं है। शबाना अपनी नानी के यहां पर रहती है,शबाना के माता-पिता का इंतकाल 2004 में ही हो चुका है।

त्यौहार के इस पावन पर्व पर शबाना के घर में किसी भी तरह की कोई तैयारी नहीं थी जिसको लेकर वह बहुत परेशान थी,शबाना ने अपने जिले किे डीएम का नंबर निकाला और उनसे मदद के लिए मैसेज कर दिया। शबाना ने मैसेज में लिखा “डीएम सर नमस्ते मेरा नाम शबाना है। मुझे अपकी मदद की जरुरत है सर सबसे बड़ा त्यौहार है ईद सब लोग नये कपड़े पहनेंगे लेकिन हमारे घर में किसी का भी कपड़ा नहीं आया है। सर मेरे माता पिता नहीं है 2004 में ही उनका इंतकाल हो गया था,मेरे घर में मेरा छोटा भाई और नानी है,सर मुझे समझो”।

शबाना के इस मैसेज ने डीएम योगेश्वर को हिला कर रख दिया,शबाना के मैसेज के बाद ही डीएम ने शबाना को ईदी देने का मन बना लिया। डीएम योगेश्वर ने तुरन्त उप-जिलाधिकारी सदर सुशील कुमार गौंडा को कहा की आज ही शबाना और उसकी नानी ,छोटे भाई के लिए नये कपड़े और मिठाइयां और ईद की सेवईयों के लिए तुरन्त ही पहुंचए जाए।

शबाना के घर नये कपड़े और मिठाइयां पहुंचा दी है। यह देख शबाना के खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था की जिलाधिकारी को मोबाइल मेसेज से अपनी व्यथा सुनाने के क्षण भर में ही उसकी समस्याओं को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी के हाथ उसके सामने होंगे। शबाना की आंखों से खुशियों के आंसू निकल पड़े और वह उप जिलाधिकारी सुशील कुमार गौड़ से जिलाधिकारी की भेजी हुई ईदी पाकर उन्हें धन्यवाद कहा।