वंदेमातरम् सभी हिन्दुस्तानियों को बोलना आवश्यक है: भराला

मेरठ। हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के पचगांव पट्टी में कालीचरण विद्यावती स्मृति इन्टर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के लिए मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सुनील भराला नि. राष्ट्रीय सह संयोजक भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ का पुष्प गुच्छ देकर कॉलेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधक ने स्वागत किया। इसके बाद झंडारोहण का कार्यक्रम शुरू हुआ। राष्ट्रगान के बाद माननीय भराला जी ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित किया।

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सुनील भराला ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत वर्ष को स्वतंत्र हुए 70 वर्ष हो गए है। देश को परतंत्रता की बेड़ियों से स्वतंत्र कराने में बहुत से वीर क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और साथ ही साथ अंग्रेजों के क्रूरता का शिकार भी हुए, जिसकी कल्पना भी नहीं की गई थी। हमने भारत को स्वतंत्र तो करा दिया लेकिन भारत को पुनः जीवित नहीं कर पाए इसके लिए कई महापुरुषों ने अनेक जनचेतना आन्दोलन किए, जिसकी पृष्ठभूमि भारत को पुनर्जीवित करना था। लेकिन उन्हें पूर्ण सफलता नहीं प्राप्त हो सकी, हो सकता है कि मै गलत हूं लेकिन विचारों की स्वतंत्रता हमारे संविधान ने हमें प्रदान की है। मेरा यह मानना है कि सभी क्षेत्रों में नहीं अपितु कुछ क्षेत्रों में भारत को पुनर्जीवित करना अतिआवश्यक है नहीं तो इसके परिणाम बहुत भयावह होंगे। देश-प्रत्येकवर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर अमर शहीदों को याद करता है लेकिन क्या हम उनकी कल्पना के अनुरूप भारत को बना पाए है।

भराला ने आगे कहा कि ‘वंदेमातरम्’ केवल एक शब्द नहीं वरन एक क्रांति है। इसी मन्त्र के साथ आज़ादी के दीवाने हंसते-हंसते फांसी पर झूल जाते थे, लेकिन भारत में वंदेमातरम् कहने में कुछ लोगों को परहेज है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि ऐसे लोग जो वंदेमातरम् नहीं बोल सकते हैं उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे नापाक लोगों को देश छोड़कर चले जाना चाहिए। वंदेमातरम् से नई ऊर्जा का संचरण होता है। उन्होंने कॉलेज के पदाधिकारीयों और बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।