सैन्य अधिकारी देने में देवभूमि उत्तराखंड सबसे आगे

देहरादून। जब देश की सुरक्षा और आन बान शान की बात हो तो हम सब भारतीय सेना की ओर देखते हैं। लेकिन अब भारतीय सेना के आन बान और शान का ज़िम्मा देवभूमि उत्तराखंड के सूरमाओं के कंधों पर है।  शनिवार को देहरादून में मौजूद भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आऊट परेड में पास आऊट हुए जैन्टिलमैन कैडेट्स के आंकड़े इस बात को सच साबित करते हैं।

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बता दें कि जनसंख्या के लिहाज़ से अगर देखा जाए तो उत्तराखंड महाराष्ट्र और राजस्थान उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से काफी पीछे है। लेकिन अकादमी से पास आऊट हुए कैडेट्स पर नज़र डालें तो पता चलता है, कि उत्तराखंड के सूरमाओं की संख्या दूसरे राज्य के कैडेट्स से कहीं ज़्यादा है।  प्रदेश की आबादी देश की .84 फ़ीसदी है। जिसकी तुलना में आईएमए देहरादून से पास आऊट हुए 409 कैडेट्स में उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला है। यानी जितने कैडेट्स पास आऊट हुए है राज्य के हिसाब से तीसरे पर उत्तराखंड है।

वहीं इन कैडेट्स की संख्या में सूबे के तक़रीबन 38 कैडेट्स पास आऊट हुए हैं। जबकि उत्तराखंड राज्य पंजाब बिहार उत्तर प्रदेश से जनसंख्या बल में पीछे है। जबकि सेना में अफ़सर देने के मामले में मामले में देवभूमि का नम्बर तीसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश से 76, हरियाणा से 58, बिहार से 25, महाराष्ट्र से 24, पंजाब से 24, राजस्थान से 23, दिल्ली से 22, मध्य प्रदेश से 19, हिमाचल से 18, कर्नाटक से15, जम्मू-कश्मीर से 09, पश्चिम बंगाल से 06,मणिपुर से 06, केरल से 06 ,आंध्र प्रदेश से 06 ,तेलंगाना से 05 ,झारखंड से 05 असम से 05 ,उड़ीसा से 04 ,छत्तीसगढ़ से 04 ,चंडीगढ़ से 02 ,तमिलनाडु से 02 ,गुजरात से 02 ,नागालैंड से 01, मिजोरम से 01 सैन्य अधिकारी बना है।