यूपी, मणिपुर के 4 उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त हुआ चुनाव आयोग

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और मणिपुर में चल रहे चुनाव के दौरान पैसे के दम पर मतदान प्रभावित करने का दावा करने वाले बसपा, सपा, भाजपा समेत पीस पार्टी के 4 उम्मीदवारों के खिलाफ केंद्रीय चुनाव आयोग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश और मणिपुर के मुख्य चुनाव आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वह ऐसे उम्मीदवारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों को यह भी आदेश दिया है कि वह संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को चारों उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दें। आयोग ने दोनों राज्यों के चुनाव आयुक्तों से इस बाबत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 25 फरवरी तक उपलब्ध कराने को कहा है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने 22 फरवरी को एक निजी समाचार चैनल पर प्रसारित स्टिंग आपरेशन के आधार पर यह कदम उठाया है। इस स्टिंग में दिखाया गया है कि कैसे पैसे से वोट खरीदे जा रहे हैं। इस स्टिंग से सामने आया कि कैसे उम्मीदवार पहले टिकट खरीदता है और फिर वोटर।

स्टिंग आपरेशन में मुरादाबाद से बसपा उम्मीदवार अतीक अहमद सैफी ने कैमरे पर बताया कि उसने चुनावों में 4 करोड़ रुपये बहा दिए जबकि खर्च की सीमा सिर्फ 28 लाख की है। स्टिंग से सामने आया कि वोट खरीदने के लिए सैफी एक-एक घर 2000-3000 रुपये बांट देते हैं। आगरा उत्तर से सपा उम्मीदवार अतुल गर्ग ने भी बताया कि कैसे पैसा देकर वो वोट खरीदते हैं। अतुल गर्ग ने बताया कि 15 से 20 हजार वोट उनको खरीदना पड़ेगा, तब जाकर वो निश्चिंत होंगे। आगरा कैंट सीट पर पीस पार्टी के राकेश वाल्मीकि भी इस स्टिंग की जद में आए हैं।

सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं मणिपुर में भी उम्मीदवार वोट खरीदने में पीछे नहीं हैं। यहां के भाजपा उम्मीदवार वोबा जोराम ने बताया कि एक बस्ती में 15 से 20 लाख खर्च होगा। वो पैसे ग्राम प्रधान को देंगे फिर घर-घर में 2 से 3 हजार रुपये बांट दिए जाएंगे।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के चुनाव आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वह उक्त चारों उम्मीदवारों को कानून उल्लंघन, चुनाव व्यय का गलत विवरण देने और जरूरी नियमों के तहत नोटिस देने का आदेश दिया है।