यूपी विस चुनावः चौथा चरण तय करेगा यूपी का भाग्यविधाता

राजनेताओं के भाग्य का फैसला करने वाले मतदाता आज उत्तर प्रदेश के 680 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला लेने वाले हैं। लोकतंत्र के महापर्व में गुरूवार को उत्तर प्रदेश 12 जिलों की 53 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। पहले हुए तीन चरणों के मतदानों में यह बेहद ही खास माना जा रहा है क्य़ोकि इस चरण का रूझान ही प्रदेश की सत्ता पर कौन काबिज होगा इस बात का आंकलन करेगा।

पिछले तीन चरणों में जहां समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस गठबन्धन, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी-अपनी प्रचण्ड जीत का दावा कर रहा है। वहीं तीन चरणों में बढ़त वाला कोई भी दल अगर चौथे चरण में भी जनता का भरोसा जीतने में सफल होता है, तो वह विधानसभा में सत्ता पक्ष की सीटों पर बैठने में सफल होगा।
सूबे की कुल 403 विधानसभाओं के लिए सात चरणों में हो रहे मतदान में अगर चौथे चरण को भी शामिल कर लिया जाए तो कुल 262 सीटों पर मतदाताओं द्वारा फैसला ले लिय़ा जाएगा बाकि बचे तीन और चरणों में सिर्फ 141 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है।

भाजपा को बहुमत दिलाने के लिए भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी 25 से ज्यादा जनसभाएं कर चुके हैं। वहीं राजनाथ सिंह 70 से ज्यादा जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं। एक तरफ भाजपा के स्टार प्रचारक चुनावी रण में प्रचार करने के लिए उतरें हैं। तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के नए मुखिया बने अखिलेश यादव जीत के लिए खुद ही एड़ी चोटी का दम लगाकर चुनाव प्रचार करने में लगे हुए हैं।

किन पर लगा है दांव

चौथे चरण में कई दिग्गज नेताओं की आन बान दांव पर लगी हुई हैं। एक तरफ अब तक हार का स्वाद ना चखने वाले राजा भैया है तो दूसरी तरफ राज्यसभा सदस्य की बेटी आराधना मिश्रा पहली बार रण में उतरी हैं। यूपी विधानसभा की चौथी परीक्षा में कई बड़े नेताओं के बच्चे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनकी जीत को उनके पिता के सम्मान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

एक नजर में 12 जिलों की विधानसभा सीटें

प्रतापगढ़- रामपुर खास, बाबागंज, कुण्डा, विश्वनाथगंज, प्रतापगढ़, पट्टी, रानीगंज
कौशाम्बी- सिराथू, मंझनपुर, चायल
इलाहाबाद- फाफामऊ, सोरांव, फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, मेजा, करछना, इलाहाबाद वेस्ट, इलाहाबाद नॉर्थ, इलाहाबाद साउथ, बारा, कोरांव
जालौन- माधवगढ़, कालपी, उरई
झांसी- बबीना, झांसी नगर, मऊरानीपुर, गरौथा
ललितपुर- ललितपुर, महरोनी,
महोबा- महोबा, चरखारी
हमीरपुर- हमीरपुर, राठ,
बांदा- तिंदवारी, बबेरू, नरैनी, बांदा
चित्रकूट- चित्रकूट, मानिकपुर
फतेहपुर- जहानाबाद, बिन्दकी, खागा, फतेहपुर, अयाशाह, हसनगंज
रायबरेली- बछरांवा, हरचंदपुर, रायबरेली, सलोन, सरेनी, ऊंचाहार

क्या कहता है इतिहास

चौथे चरण में जिन जिलों की विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है अगर उन सीटों के इतिहास यानि की पिछले चुनावों के नतीजे पर नजर डालें तो पता चलेगा कि इन सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है।

पिछले चुनावों के नतीजे

सपा- 24
बसपा- 15
भाजपा- 5
कांग्रेस- 6
अन्य- 3

दलितों पर लगा है दांव

यूपी कि सत्ता का खेल शुरू से ही जातिगत रहा है। यूपी के इस चरण में दलित मतदाता राजनेताओं की किस्मत को पलट सकते हैं और अब तक आए रूझानों में भी बदलाव कर सकते हैं।

क्या है दलितों का ग्राफ

इलाहाबाद- 25 फीसदी
कौशाम्बी- 36.1 फीसदी
रायबरेली- 29.83 फीसदी
झांसी- 28.07 फीसदी
चित्रकूट- 26.34 फीसदी
फतेहपुर- 25.04 फीसदी

 आशु दास