यूपी: योगी कैबिनेट ने तीन तलाक को ठहराया अवैध, विधेयक को मंजूरी देने वाला पहला राज्य बना

नई दिल्ली। तीन तलाक खत्म करने का वादा कर उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई योगी सरकार ने यूपी विधानसभा में तीन तलाक को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। योगी सरकार की कैबिनेट ने केंद्र सरकार के चर्चा करने से पहले ही राज्य में तील तलाक को खत्म कर दिया है। योगी सरकार ने तीन तलाक को लेकर तीन साल की सजा देना भी मुकर्रर कर दिया है। बता दें कि आठ महीने पहले सूबे की सत्ता में आई योगी सरकार तीन तलाक के कानून को जल्द से जल्द खत्म करने के पक्ष में शुरू से ही थी और क्योंकि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कानून को खत्म करने के पक्ष में फैसला सुनाया तो योगी सरकार ने भी प्रदेश में इसे गैर कानूनी करार देने में पल भर की भी देरी नहीं की।

सूबे की योगी सरकार तीन तलाक पर केंद्र सरकार के कानून को सहमति देने वाली पहली राज्य सरकार बन गई है। सरकार ने बिना किसी संशोधन के इसे सहमति देने के बाद कहा कि सरकार मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक देने की हिमायती है,लेकिन किसी तरह का भेदभाव मंजूर नहीं है। आपको बता दें कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में तीन तलाक पर प्रतिबंध  लगाने के लिए विधेयक ला सकती है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार तीन तलाक पर कानून की रूपरेखा तैयार करने और इसके कई उलझाव वाले बिंदुओं पर कार्य करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाएगी।

 

 

 पुरुषों के खिलाफ किसी भी दंडनीय प्रावधान के अभाव में अब भी लोग तीन तलाक दे रहे हैं। इसे मौलवियों का एक तबका अभी भी वैध ठहरा रहा है। इस प्रथा के खिलाफ महिलाओं को थोड़ी सुरक्षा मिली है।सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार इसे जमीनी स्तर पर लागू करना चाहती है और इसलिए कानून लाने की जरूरत है।