सूबे में सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल

हरदोई। जनपद हरदोई में इस समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर योगी सरकार की छवि पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। योगी सरकार तो सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को प्राइवेट अस्पताल जैसी सुविधा देने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। मगर मरीजों के लिए आने वाली सुविधाएं भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारी और कर्मचारी ही खा जाते हैं। जिस कारण सरकार की तरफ से आने वाली योजनाओं का लाभ बहुत कम मरीजों को ही मिल पा रहा है। क्योंकि इतनी गर्मी में लाइट जाने बाद तक अस्पताल में लगे जनरेटरों को नही चलाया जाता है।

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जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं धूल चाटती नजर आ रही हैं। कमीशन और जुगाड़ का चश्मा लगाए बैठे अधिकारियों को मरीजों का दर्द नहीं दिख रहा है। कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी में बेहाल होना पड़ रहा है। जिस कारण मरीज वार्डों को छोड़कर बाहर कैम्पस में बैठकर लाइट आने का इंतजार करते रहते हैं। मगर फिर भी किसी अधिकारी की नजर इन पर नही पड़ती है।

जिला अस्पताल कैम्पस में लगे जनरेटर महज सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। क्योंकि लाइट जाने के बाद जनरेटरों को नहीं चलाया जाता है। सिर्फ अधिकारियों की एसी चलने के लिये छोटे जनरेटरों का इस्तेमाल किया जाता है। जिस कारण बर्न वार्ड में भर्ती मरीज का हाल बेहाल है। जिस कारण आग से झुलसे मरीजों में इंफेक्शन फैलने का खतरा मरीजों के सर पर मंडराता रहता है।