जिले के अधिकारियों की अनोखी पहल

गोण्डा। जिले के अधिकारियों ने आज ऐतिहासिक पहल की है, यह पहल शायद पूरे हिंदुस्तान में कभी नहीं हुई है। डीएम आशुतोष निरंजन व एसपी सुधीर सिंह सहित कई अधिकारियों ने बाल श्रमिकों को गोद लिया। जिला पंचायत सभागार में सर्वोदय नाम से आयोजित एक कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में उपस्थित अनेकों विभागीय अधिकारियों, शहर के सम्पन्न व गणमान्य व्यक्तियों व सामाजिक संगठन के लोगो के बीच जिले के उच्चाधिकारियों ने 9 ऐसे गरीब बच्चो को गोद लिया जो बाल श्रम में फंसे थे।

बालश्रम उन्मूलन अभियान के तहत जिले भर में श्रम कर रहे बच्चो को श्रम से मुक्त करने के साथ साथ डीएम आशुतोष निरंजन व एसपी सुधीर सिंह ने संयुक्त रूप से इन गरीब बच्चो के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए, यह निर्णय लिया कि इन बच्चो के पठन-पाठन, रहन-सहन व खानपान के दृष्टि से उन्हें पोषित करने का बीड़ा उठाया। इसके लिए इन्होंने निर्णय लिया कि जिले के प्रत्येक अधिकारी कोतवाल व थानेदार एक एक बाल श्रमिकों को गोद लेकर उनके भविष्य बनाएंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर सर्वोदय योजना के प्रथम चरण में चयनित 9 बाल श्रमिकों को गोद लेने वाले अधिकारियों ने बकायदा माला पहनाकर प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य कामना की।

राष्ट्र निर्माण के इस अनूठे व ऐतिहासिक पहल पर डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि गोद लिए गए इन बाल श्रमिकों को जहां भरसक जरुरी सुविधायों व सेवाओं से सुसज्जित किया जायेगा वहीं विभिन्न सरकारी योजनायों से इन्हें व इनके परिवार को आच्छादित भी किया जायेगा। डीएम ने गोंडा के अधिकारियों के इस ऐतिहासिक प्रयोग को देश के लिए एक नज़ीर मानते हुए कहा कि इस प्रयोग के सफल होने के बाद अन्य जिलों के भी अधिकारी इसी तरह लोक कल्याण का कार्य करके राष्ट्र के भविष्य निर्माण में अमूल्य योगदान कर सकते है।

गोद लिए जानेवाले बाल श्रमिकों की संख्या बढ़ने के विषय पर डीएम बोले कि बाल श्रमिकों की संख्या बढने की स्थिति में उन्हें गोद लेने के लिए शहर व जिले के मानिंद लोगों को इन गरीब बाल श्रमिकों के भविष्य निर्माण हेतु गोद लेने के लिए आमंत्रित किया जायेगा। निश्चित ही गोंडा के डीएम निरंजन व एसपी सुधीर सिंह द्वारा गरीब बाल श्रमिकों को गोद लेने की इस कल्याणकारी अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक अमूल्य योगदान के रूप में देखा जा रहा है।
विशाल सिंह, संवाददाता