लोगों का अंग्रेजी भाषा का पीछे भागना दुर्भाग्यपूर्ण- वेंकैया नायडू

अहमदाबाद के साबरमती गांधी आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन पर बनी पुस्तक का लोकार्पण के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे देश में लोग अंग्रेजी भाषा के पीछे पड़े हुए हैं लेकिन हमे हमारी हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए। वेंकैया नायडू का कहना है कि देश में अंग्रेजी भाषा के पीछे लोग भागने में लगे हुए हैं। लेकिन लोगों को अपनी मातृ भाषा पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी भाषा हमारी पहचान है, लेकिन फिर भी लोग अंग्रेजी की पीछे भाग रहे हैं। यह कापी दुर्भाग्यपूर्ण बात है। साबरमती गांधी आश्रम में वेंकैया नायडू ने अपनी मातृभाषा पर लोगों को जोर देने के लिए कहा।

शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू का कहना है कि गांधी जी के जीवन पर आधारित इस किताब में किसी को भी अपनी समस्या के सामाधान के कैसे निकलना है, यह सब बाते इस किताब में बता रखी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी वेंकैया नायडू ने हिंदी भाषा का बयान किया था। उन्होंने सांसदों को लिखने के साथ ही बोलने के लिए भी कहा था। वेंकैया नायडू ने कहा है कि हिंदी ही भारतीय की असली पहचान है।

नायडू ने अपने राजनीतिक कैरियर के बारे में बताते हुए कहा कि नेल्लूर में वह हिंदी विरोधी अभियान के साथ जुड़े ते। साथ ही उन्होंने हिंदी भाषा के बोर्ड पर कालीक भी पोथी थी। नायडू ने कहा कि साल 2011 में गृहमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिंदबरम के नेतृत्व में संसद में हिंदी भाषा बोलने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसके बाद सिफारिश 2011 में राष्ट्रपति को इसकी शिपारिश भेजी गई थी।