नकली पिस्टल से लूट करने वाले दो लुटेरे गिरफ्तार

मेरठ मे नकली पिस्टल से एक दर्जन से ज्यादा लूट की वारदतों को अंजाम दे चुके 2 लुटेरों को आखिर पब्लिक अपने कब्जे मे ले ही लिया। लुटेरे पुलिस को सौंपे गये लेकिन थाने से दोनों लुटेरे अचानक फरार हो कर दो घंटे बाद वापिस आ गये। लुटेरों की फरारी के पीछे पुलिस की एक गहरी चाल थी, जिसे पुलिस अफसरों ने समझ लिया है और अब थाने की पुलिस पर कार्रवाई का डंडा चलने वाला है।

पुलिस की संगीनों के साये में खड़े अक्षय और विनय नाम के ये दो बदमाश बहुत शातिर लुटेरे है। पुलिस से हुई पूछताछ में इन लुटेरों ने स्वीकार किया है कि उन्होनें पिछले दिनों दर्जनों से ज्यादा लूटों की वारदातों को अंजाम दिया है। रविवार (04 जून) को दिनदहाड़े ये दोनों लुटेरे एक दुकान में घुसे और दुकानदार से नकदी लूटकर हवाई फायरिंग करते हुए फरार होने लगे। फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके के कुछ लोगो ने बदमाशों के पिछे दौड़ाकर उनहे अपने कबजे मे लिया। पब्लिक ने पिटाई के बाद बदमाशों को मेरठ की सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन पुलिस वाले थाने में भी इन लुटेरों को अपनी हिरासत मे भी नहीं रख सके। दोनो बदमाश आज सुबह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गये।

जब तक लुटेरों के फरार होने की खबर पुलिस आला अफसरों तक पहुँचती, उससे पहले ही थानेदार ने लुटेरों को पकड़ने का गुडवर्क कर लिया। लुटेरों की फरारी असली नही बलकी नकली थी। दरअसल, पब्लिक के हाथों गिरफ्तार लुटेरों को पकड़ने का क्रेडिट जनता को जा रहा था इसलिए मेरठ की सिविल लाइंस पुलिस ने दोनो लुटेरों की गिरफ्तारी अपने नाम करने के लिए आज सोमवार (05 जून) सुबह दोनो लुटेरों को थाने से खुद ही फरार कर दिया। खबर मीडिया और पुलिस के अफसरों के कानो तक पहुँची और फिर थाना पुलिस बैठे-बैठे लुटेरों की तलाश में जुट गयी। थोड़ी ही देर में दोनो लुटेरे थाने की हवालात में बंद दिखे और जब आज दोपहर आला अफसरों ने प्रेसवार्ता में दोनो बदमाशों की गिरफ्तारी की खबर दी तो थाना पुलिस की पीठ ठौंकी गयी।

मीडिया ने जब पुलिस के गुडवर्क पर सवाल खड़े किये तो एसपी सिटी ने आनन-फानन में पब्लिक को लुटेरों की गिरफ्तारी का क्रेडिट देते हुए उन्हे् सम्मानित करने का प्रोग्राम भी तय कर दिया और थाना पुलिस हाथ मलती रह गयी। मेरठ एसपी सिटी मान सिंह ने अब लुटेरों की फरारी के मामले में जॉच के आदेश दे दिये है। जाहिर है इनाम और प्रमोशन पाने के लिए लुटेरों की फर्जी फरारी दिखाने वाले थानेदार और उसके थाने के स्टाफ को अब कार्रवाई का डंडा झेलना होगा।