नक्सली हमले में दो की मौत, दो अन्य गंभीर रूप से घायल

चकाई। बिहार-झारखंड की सीमा पर झारखंड के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के रमनीटांड़ गांव में पिछली रविवार की देर रात दर्जनों की तादाद में आये नक्सलियों ने भेलवाघाटी पंचायत के मुखिया प्रभावती देवी के घर पर ताबड़-तोड़ गोली-बारी कर दी। इस हादसे में पुत्र सुभाष वर्णवाल के अलावा शिक्षक बोंगी निवासी श्याम सुंदर पंडित की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं बेटे को बचाने आये मुखिया पति गोरीशंकर वर्णवाल एवं उसका छोटा बेटा रंजीत वर्णवाल गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह हादसा रविवार रात आठ बजे के करीब उस समय हुई जब मुखिया प्रभावती देवी अपने पति एवं दो बेटों के साथ घर में बातचीत कर रही थी । घर पर बच्चों को पढ़ाने आए शिक्षक श्याम सुंदर पंडित घर में बच्चों को टयूशन पढ़ा रहे थे । इसी दौरान बिहार के बोंगी एवं झारखंड के नोनियातरी गांव की ओर से पैदल चलकर तथा बाइक पर आये एक दर्जन से अधिक आग्नेयास्त्र से लैस नक्सलियों ने मुखिया के घर पर धावा बोल दिया । इस हादसे में मुखिया के बड़े पुत्र सुभाष वर्णवाल एवं उसे पढ़ा रहे शिक्षक श्याम सुंदर पंडित की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि मुखिया पति गौरीशंकर वर्णवाल एंव उसका छोटा पुत्र रंजीत वर्णवाल गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली बिहार की सीमा से लगे बोंगी पंचायत के जंगल की ओर आसानी से निकल गये ।

बताया जाता है कि बोंगी गांव निवासी एवं शिक्षक श्याम सुंदर पंडित बहुत मिलनसार था पर उसकी माली हालत अच्छी नहीं थी । वह टयूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह घर का एक मात्र कमाने वाला सदस्य था। मुखिया पुत्र सुभाष वर्णवाल समाजिक कार्यो में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। आनन-फानन में ग्रामीणों ने दोनों को गिरीडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुये दोनों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। वहीं घटना के पांच घंटे के बाद भेलवाघाटी पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनो शवों को अपने कब्जे में लेने के बाद घटना की जांच कर रही है। इस बीच पुलिस को ग्रामीणों का भारी रोष पुलिस को झेलना पड़ा। गिरीडीह एसपी अखिलेश बी बारियर ने घटना की पुष्टि कर दी है। उल्लेखनीय है कि यह घटना घटना बिहार की सीमा से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर घटी है जबकि घटनास्थल से भेलवाघाटी थाना की दूरी मात्र आठ सौ गज है।

घटना के बाद सुंदर पंडित के घर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं पत्नी, पिता,मां एवं तीनों बच्चे शव से लिपटकर दहाड़ मार-मारकर रो रहे थे। पिता कपिलदेव पंडित ने बताया कि मरने वाला उनका बेटा घर का एक मात्र कमाउ सदस्य था और गांव-गांव में जाकर टयूशन पढ़ाकर गुजारा करता था। उसकी दो लड़की के अलावा चार साल का बेटा है। वहीं , मृतक सुभाष वणवाल के घर भी कोहराम मचा हुआ है तथा अगल-बगल गांव के ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों की भीड़ उसके यहां उमड़ रही है।