‘इंदु सरकार’ को लेकर मधुर भंडारकर पहुंचे ट्रिब्यूनल

मुंबई। विवादों में फंसी अपनी फिल्म ‘इंदु सरकार’ को लेकर निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने उम्मीदों के अनुरूप ट्रिब्यूनल एपीलेट का रुख कर लिया है, जहां वे अपनी फिल्म के लिए सेंसर बोर्ड द्वारा 16 कट्स के आदेश के फैसले को चुनौती देंगे। मधुर का कहना है कि इन कट्स से उनकी फिल्म की कहानी पर बुरा असर होगा, इसलिए वे कोई भी कट का आदेश नहीं मानेंगे।

बता दें कि सेंसर बोर्ड ने इन कट्स के अलावा मधुर को फिल्म में दो डिसक्लेमर लगाने को कहा है, जिसमें से मधुर एक डिसक्लेमर के लिए मान गए हैं। ये डिसक्लेमर इस बात के लिए होगा कि फिल्म में कुछ घटनाओं को नाटकीय रूप दिया गया है। मधुर ने फिल्म को काल्पनिक कहानी का डिसक्लेमर लगाने से भी मना कर दिया है।

उम्मीद की जा रही है कि गुरुवार को एपीलेट ट्रिब्यूनल में मधुर की मांग पर सुनवाई होगी और हो सकता है कि एक ही दिन में ट्रिब्यूनल का फैसला भी सामने आ जाए। प्रकाश झा के प्रोडक्शन में बनी फिल्म लिपस्टिक, जो इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है, इसके लिए भी सेंसर ने कड़ा रुख किया था और एपीलेट ट्रिब्यूनल ने एक दिन में न सिर्फ फिल्म को पास करने का आदेश सेंसर बोर्ड को दिया था, बल्कि सेंसर बोर्ड की कार्यशैली को लेकर फटकार भी लगाई थी।

मधुर की फिल्म 1975 की इमेरजेंसी को लेकर बनी है। सेंसर ने इस फिल्म में मोरारजी देसाई, जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, गुजरात, अकाली, आरएसएस, सीबीआई जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। इस फिल्म को लेकर कांग्रेस नेताओं का विरोध भी जारी है। महाराष्ट्र में पुणे और नागपुर में कांग्रेसी नेताओं के विरोध के चलते फिल्म के प्रमोशन समारोह रद्द करने पड़े और इसी विरोध के चलते महाराष्ट्र सरकार की ओर से मधुर को सुरक्षा भी दी गई है। ये फिल्म 28 जुलाई को रिलीज होने जा रही है, जिसकी प्रमुख भूमिकाओं में कीर्ति खुल्लर, सुप्रिया विनोद, नील नितिन मुकेश और अनुपम खेर हैं।