योगी राज में अंधेरे में होता मरीजों का इलाज

हरदोई। देश के सबसे बड़े सूबे में सत्ता पलट होने के बाद लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के कई सारे दावे किए गए हैं। एक तरफ तो योगी सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में लगी हुए है तो दूसरी तरफ योगी सरकार के तमाम दावे अब फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। मामला हरदोई का है जहां एक तरफ योगी सरकार प्रदेश में स्वथ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के आए दिन कोई न कोई दावे करती नजर आती है। इन दावों की असली हकीकत क्या है, यह तो आपको सरकारी अस्पताल में पहुचने के बाद में ही पता चलेगा।

सरकार की योजनाओं को कैसे अधिकारी पलीता कर रहे हैं इसका नमूना अपको हरदोई में सरकारी अस्पताल में जाकर साफ साफ दिख जाएगा। इन अधिकारियों के कारण ही योगी सरकार की जनता के बीच में छवि खराब होती नजर आ रही है। यही नहीं स्वास्थ्य विभाग को हाईटेक बनाने के लिये सरकार करोड़ो रुपए पानी की तरह बहा रही है। मगर फिर भी देश के सबसे बड़े सूबे, यूपी के सरकारी अस्पतालों की हालत दिन पर दिन बद से बदत्तर होती जा रही है। यहां डॉक्टरों को अंधेरे में अपने मोबाइल को टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।

हरदोई जिला अस्पताल में इस समय विद्युत सप्लाई ना होने के कारण डॉक्टर से लेकर मरीजों तक को इस उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है।
मरीज वार्डों में गर्मी में बेहाल नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ डाक्टरों को अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही सरकार की तरफ से दावे किए जा रहे थे की सरकारी अस्पतालों को 24 घण्टे विद्युत सप्लाई दी जाएगी। लेकिन अब वह सभी दावे जमीन पर आते आते विलुप्त हो गए हैं। वही  हरदोई जिला अस्पताल की विद्युत लाइन सीधे मन्नापुरवा स्थित पावर हाउस से जोड़ी गई है। जिसके लिए शासन ने कई करोड़ रुपए भी खर्च किये थे लेकिन वो भी जिला अस्पताल के जिले महज सफेद हाथी की तरफ ही नजर आ रही हैं। अब देखना है कि योगी सरकार किस तरह से इस समस्या को सरकारी अस्पतालों से दूर करती है।