टमाटर के दामों ने तो अब अनार को भी पीछे छोडा

देश में लागू हुए हाल ही में GST के बाद सभी चीजों के दामों में उच नीच आई है। उन्ही चीजों में से एक सब्जीयां भी एसी ही है जो अब खाने के जायके को प्रतीदिन बिगाड रही है। खाने में अहम रोल निभाने वाले टमाटर के दामों ने तो सातवें आसमान पर चढ़ने के साथ-साथ खाने का जायका ही किरकिरा कर दिया। टमाटर की महंगाई का हाल यह है कि फलों की दुकान पर जाकर अगर आम फलों में से सबसे मंहगा फल अनार माना जाता है अगर दुकानदार से अनार के दाम पुछें तो 60 रूपये किलों अराम से बजार में बिक रहा है। दूसरी तरफ देखें तो बारह मासी बिकने वाला टमाटर जोकी कभी भी 10-15 रूपये किलों से ऊपर नही गया, और अब ये हाल है कि फुटकर बाजार में टमाटर के दाम 100 रूपये किलो से कम तो आने को ही तैयार नही है, साथ ही दुकानदार से भव-ताव करने की बात तो छोड ही दीजिए।

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गलीआरों में ठेली पर सब्जीयां बेचने वालों ने तो 100 रूपये किलो काभी रिकॉड तोड रखा है। ठेला वालों ने तो एक किलो टमाटर के दाम ही 120 रूपये से ऊपर पहुचा रखें है। जिस किसी से भी टमाटर के दामों में भाव-ताव की बात की तो ठेली वाला मुंह बनाकर चलता बना। ऐसे में लोगों ने एक किलो टमाटर खरीदने की बजाए पांवभर टमाटर खरीद कर तथा ऐसे भी कई तमाम ग्राहक हैं जिन्होंने टमाटर को नजरअंदाज करके अन्य बाकी सब्जियां खरीद कर अपनी जान बचाने में ही भलाई समहज रहे है।

अब जैहंद में सवाल ये उठता है कि आखिर सब्जियों व दालों में अहम रोल निभाने वाले टमाटर के दामों में इतना इजाफा कियूं हुआ है?…
मंडी समिति में बैठे बडे-बडे आढ़तियों के द्वारा दिए गए बयानों की माने तो उन्होने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर की बिक्री शून्य के समान हो गई है। क्योंकी इन तमाम राज्यों में लिमिट से ज्यादा बारिश बोने के कारण टमाटर की सारी फसल ध्वस्त हो गई थी। जिस के कारण पूरे देश भर में टमाटर के दामों की स्थिती खराब हुई है। ऐसे में पूर् देश के राज्यों में टमाटर की पूर्ती करने वाले ये राज्य अपने-अपने ही राज्यों में टमाटर की जरूरत अनूसार भी पूर्ती नही कर पा रहे है। तो ऐसे में भला उत्तराखंड में ही ये राज्य कैसे पूर्ती कर पायेंगे। जिसमें कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 10000 किलो टमाटर की आपूर्ती होती है।