सिखों के 6 गुरु हरगोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव आज

नानक शाही के पंचांग को देखते हुए इस साल सिखों के 6 गुरु हरगोबिंद सिंह प्रकाशोत्सव आज मनाया जा रहा है,हरगोबिंद सिंह सिखों के पिता अर्जुन देव के बाद हरगोबिंद को 11 साल की उम्र में ही गुरु का पद दे दिया गया था।मीरी-पीरी के मालिक गुरु हरगोबिंद सिंह का जन्म पंजाब के गुरु की वडाली में 21 आषाढ़ (वदी6) संवत 1652 में हुआ था। गुरु हरगोबिंद सिंह ने भाई गुरदास की देख-रेख में शिक्षा ग्रहण की थी।

सिख धर्म के दस गुरुओं में गुरु हरगोबिंद सिंह 6 गुरु है।गुरु हरगोबिंद सिंह ने सिखों को अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा ग्रहण करने के लिए बहुत प्रेरित किया करते थे। बताया जाता है की गुरु हरगोबिंद सिंह ने सिख पंथ को योद्धा का चरित्र दिया था, गुरु हरगोबिंद सिंह ने सिख धर्म में कई बदलाव भी किये थे,सिख धर्म को मजबूत धर्म बनाया,गुरु हरगोबिंद सिंह को पहले के समय में दल-भंजन योद्धा की तरह माना गया था।

11वर्ष की उम्र में हरगोबिंद सिंह को गुरुपद दे दिया गया था। बाबा बुड्डाजी ने गुरुपद मिलने के बाद ही गुरु हरगोबिंद सिंह को मीरी-पीरी की दो तलवारें ग्रहण करवाई थी,पहली तलवार धर्म के लिए और दूसरी तलवार उसी धर्म की रक्षा करने के लिए थी। गुरु हरगोबिंद सिंह ने 19 मार्च 1644 में कीरतपुर साहिब में अपना चोला छोड़ दिया था। कश्मीर में गुरु हरगोबिंद के प्रकाशोत्सव के दिन अवकाश भी दिया जाता है।