भारत के साथ मुद्दे सुलझाने में अमेरिका, ब्रिटेन की मदद की जरूरत: शरीफ

न्यूयॉर्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे से अलग-अलग बैठकों के दौरान भारत के साथ पाकिस्तान के मुद्दे सुलझाने में मदद का आग्रह किया। समाचार चैनल ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, शरीफ ने सोमवार रात को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र से इतर बैठकों में यह आग्रह किया।

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उन्होंने थेरेसा मे के साथ बैठक के दौरान कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को अपना भविष्य चुनने का हक देना चाहिए। शरीफ ने कहा, “यदि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भारत से जम्मू एवं कश्मीर के निर्दोष लोगों पर किए जा रहे दमन को नहीं रोकने के लिए नहीं कहती तो इससे भारत को अत्याचारों को जारी रखने का प्रोत्साहन मिलेगा।”

शरीफ ने सोमवार को केरी से मुलाकात की और कहा, “मुझे अभी भी याद है कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने वादा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच समस्याओं के निपटारे में अमेरिका अपनी भूमिका निभाएगा।” शरीफ ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन और विदेश मंत्री जॉन केरी भारत, पाकिस्तान के बीच समस्याओं के निदान के लिए काम करेंगे।”

इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज, विदेशी मामलों पर विशेष सहायक सैयद तारीक फातेमी और विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी भी मौजूद थे। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने आतंकवाद को उखाड़ फेंकने के लिए पाकिस्तान के सशस्त्रबलों, सुरक्षा संस्थानों और पुलिस के प्रयासों की सराहना की। केरी ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साझा हित हैं। शरीफ ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थाई सदस्यों का आह्वान करते हुअ मांग की कि भारत को जम्मू एवं कश्मीर में अपनी ज्यादतियों को रोकना चाहिए। शरीफ रविवार को न्यूयार्क पहुंचे थे। वह बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।