नेता जी की मृत्यु के रहस्य को जानने के लिए नया आयोग बनाने की मांग

वाराणसी। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 120वीं जयनती पर एक बार फिर से उनकी मौत के रहस्य से पर्दा उठाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी स्थित छोटा शिवाला मदिर परिसर में जयन्ती पर आयोजित गोष्ठी में केन्द्रीय जांच ब्यूरो के अवकाश प्राप्त अधिकारी श्यामा चरण पाण्डेय ने कहा कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का व्यक्तित्व अद्भुत था। उन्होंने राष्ट्र हित में सदैव संघर्ष करते हुए आजाद हिन्द फ़ौज के माध्यम से अंगरेजी हुकूमत को कड़ी चुनौती दी। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम अभी तक उनकी मृत्यु के रहस्यों से पर्दा नही हटा पाए हैं। इस सम्बन्ध में अब तक गठित किये गये तीन आयोगों की रिपोर्ट में कुछ न कुछ कमिया रही हैं इसलिए एक नये आयोग के गठन की आवश्यकता है।

डा. बृज बिहारी सिंह ने कहा कि नेता जी ने युवकों को प्रेरित करते हुए तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा का नारा दिया था और देश के लिए प्राणों की आहुति देने का उनका यह आह्वान स्वतंत्रता आन्दोलन के लिए एक प्राणवायु साबित हुआ। सभा में कैप्टन राजीव पाण्डेय, सामाजिक कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर ग्रामवासियों की ओर से एक हस्ताक्षर अभियान भी संचालित कराया गया जिसके माध्यम से सरकार से मांग की गयी कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को “राष्ट्र पुरुष” घोषित किया जाय। साथ ही 23 जनवरी को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाय। नेताजी की मृत्यु के सम्बन्ध में एक नई जांच समिति गठित की जाय तथा पचास के दशक में कैथी में प्रवास किये हुए शौलमारी आश्रम के संत सारदानंद जी के नेता जी होने की सम्भावना की जांच की जाय। इसके पूर्व कैथी प्राथमिक पाठशाला के छात्रो ने नेता जी के चित्र और उनके नारों के साथ रैली निकाली और बड़े जोश के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर देश भक्ति से ओतप्रोत गीत सुनाये।