मिस्र के कॉप्टिक चर्च में हुए धमाकों में मरने वालों की संख्या 36 पहुंची

काहिरा। मिस्र के उत्तरी इलाके में दो गिरिजाघरों में रविवार को हुए बम धमाकों में अब तक 36 लोगों की मौत हो जाने की खबरें सामने आ रही हैं, इसके अलावा कई लोगों के घायल होने के बारे में भी खुलासा हुआ है।

2 अलग-अलग चर्च में हुए धमाके

सरकारी मीडिया की मानें तो, अलेक्जेंड्रिया में सेंट मार्क कॉप्टिक चर्च के बाहर हुए में 11 लोगों की मौत हो गई है। चर्च के प्रमुख तवाड्रॉस द्वितीय को धमाके में कोई चोट नहीं पहुंची। वह घटना के समय चर्च के अंदर सामूहिक प्रार्थना में शामिल थे। इससे पहले रविवार को अलेक्जेंड्रिया में तांता के सेंट जॉर्ज कॉप्टिक चर्च में धमाका हुआ जिसमें कम से कम 25 लोग मारे गए और 42 अन्य घायल हुए है।

हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ाया

मिस्र के गृह मंत्री ने कहा कि जब एक आत्मघाती हमलावर को चर्च में प्रवेश करने से रोका गया तो उसने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया। इस विस्फोट में एक महिला पुलिस कर्मी समेत चार पुलिस के जवानों की मौत हो गई है। विस्फोटों का असर व्यापक हुआ, क्योंकि ईस्टर पर बड़ी संख्या में लोग दोनों चर्च में एकत्रित हुए थे। हमले की जिम्मेवारी तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने ली है। मिस्र में और हमले की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। इस महीने के अंत में मिस्र का दौरा करने वाले पोप फ्रांसिस ने हमले की कड़ी निंदा की है।

सरकारी समाचार वेबसाइट की खबर के अनुसार, पहला विस्फोट काहिरा से 58 मील दूर तांता में अल्तार के निकट हुआ। सुरक्षा बलों ने तांता में सिदी अब्देल रहीम मस्जिद के निकट भी दो विस्फोटक उपकरणों को निष्क्रिय कर दिए।

बता दें कि मिस्र में साल 2013 के बाद से इस तरह के आत्मघाती हमले काफई बढ़ गए हैं। जब से सेना ने चुनी हुई सरकार को अपदस्थ कर दिया और इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी तब से इस तरह के हमलों के बारे में आए दिन सुनने को मिलता है। हमलावरों में कुछ अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी के समर्थक भी हैं जो मुस्लिम ब्रदरहुड से ताल्लुक रखते हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि ईसाइयों ने चुनी हुई सरकार को बेदखल करने में मदद की थी।