शांतिकुंज में तीन दिवसीय गुरुपूर्णिमा पर्वोत्सव आज से

हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय पावन गुरुपूर्णिमा पर्वोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार से होगा। शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि 7 जुलाई को कविता सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, तो वहीं दूसरे दिन प्रभात फेरी के साथ वृक्ष गंगा कांवड़ यात्रा, चयनित लेखनी के धनी लोगों का विशेष सम्मान समारोह तथा सद्गुरु पर आधारित विभिन्न आयोजन होंगे।

उन्होंने बताया कि गुरुपूर्णिमा का मुख्य आयोजन 9 जुलाई को निर्धारित है। इस अवसर पर सामूहिक गुरुदीक्षा एवं विभिन्न संस्कार निःशुल्क सम्पन्न कराये जायेंगे। सायं विराट दीपमहायज्ञ के साथ सामूहिक संकल्प समारोह होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे रोपने का संकल्प दिलाया जायेगा।

अषाण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रुप में पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है भारतवर्ष में कई विद्मान गुरु हुए हैं किन्तु महर्षि वेद व्यास प्रथम विद्मान थे जिन्होंने सनातन धर्म के चारों वेदों की व्य़ाख्या की थी सिख धर्म केवल एक ईश्वर और अपने दस गुरुओं की वाणी को ही जीवन का वास्तविक सत्य मानता है सिख धर्म की एक प्रचलित कहावत निम्न है।

जीवन में गुरु और शिक्षक के महत्व को आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए यह पर्व आदर्श है व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा अंधविश्वास के आधार पर नहीं बल्कि श्रद्धाभाव से मनाना चाहिए गुरु का आशीर्वाद सबके लिए कल्याणकारी व ज्ञानवर्द्धक होता है, इसलिए इस दिन गुरु पूजन के उपरांत गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।