जिन्हें नहीं मिला टिकट उन नेताओं ने बयां किया दर्द

फतेहपुर। फतेहपुर के बिन्दकी विधानसभा से सपा से टिकट मांग रहे अमरजीत जनसेवक और जहानाबाद विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे आदित्य पांडेय को जब पार्टी ने टिकट काटकर किसी और को प्रत्याशी बना दिया तो दोनों ने अपनी-अपनी पार्टी के खिलाफ खूब जहर उगला।

फतेहपुर 2017 के चुनाव में बिन्दकी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक का टिकट बदलकर दूसरे को दे देने के बाद जहां उनके स्वर सपा के खिलाफ हो गये तो वो मुलायम का गुणगान आज भी कर रहें है हांलाकि वो अब भी चुनाव लड़ने की बात कह रहे है और भारतीय लोकदल के चुनाव चिन्ह हल जोतता हुआ किसान से चुनाव लड़ने की बात की जा रही है।

यही नहीं उन्होंने अखलेश के बारे में भी टिप्पणी करने से नहीं चुके। उनके साथ पूर्व विधायक भाजपा नेता आदित्य पांडेय जो जहानाबाद से टिकट मांग रहे थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया और अब चुनाव चिन्ह हैंडपम्प के सहारे चुनाव लड़ेगे।

मीडिया से रूबरू होते हुए नेताओं ने अपना दर्द मीडिया से बयां किया और कहा कि पार्टियां अब नेताओं को उल्लू बनाकर परेशान करती है लेकिन बिंदकी और जहानाबाद में अब एैसा नहीं होगा आदित्य पांडेय ने बहुजन समाज पार्टिय में पैसा वापस हो जाता हैं मगर भारतीय जनता पार्टि में नहीं कहते हुए केंद्रीय मंत्री सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के ऊपर कटाछ करने में नहीं चुके और कहा की हम दोनों लोग एक दूसरे की मदद करेगें।

वहीं, आदित्य पांडेय ने भाजपा के लिए कहा कि 2019 में भी इस पार्टी का हस्र देखने लायक बनेगा। उन्होंने कहा अभी तक बसपा में ही टिकट बेंचने का काम होता था लेकिन अब भाजपा में भी टिकट नेता बेंचने लगे है। फिलहाल तो यही कहा जायेगा कि कुछ नेता केवल टिकट के चक्कर में पार्टियां बदलते रहते है और जनता को बेवकूफ बनाते रहते है। लेकिन अब फैसला जनता को ही करना है।

मुमताज़ अहमद, संवाददाता