GST की दहशत में चीजें हुई सस्ती

नई दिल्ली। जीएसटी की पाठशाला में अब समझौते टैक्स का गणित पढ़ा जाएगा। जिसमें जीएसटी की आशंकाओं को दूर करने के लिए परिषद ने 18 समूह बनाएं हैं। इसी के साथ ही 1 जूलाई से जीएसटी लागू करने का रास्ता भी साफ हो चुका हैं। बाजारों में जीएसटी की दहशत इस कदर बढ़ी हुई हैं कि व्यापारी कई चीजों के दाम कम कर रहे हैं।

दालें हुई सस्ती

अरहर की दाल के दाम 8500 रपये प्रति क्विटंल थे लेकिन अब यह घटकर 5600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया हैं। कुछ ऐसा ही हाल सभी दालों का हैं। जीएसटी लागू होने के बाद ब्रांडेड दालों पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा, जबकि नान-ब्रांडेड दालों पर कोई टैक्स नही लगेगा। थोक के व्यापारी वैट दे चुके हैं। अगर वे इस दाल को जीएसटी लागू होने के बाद बेचेंगे तो रिटेलर उन्हें वैट नहीं देंगे।
इनपुट टैक्स क्रेडिट

आपने कुछ सामान बनाने के लिेए रॅा मैटेरियल खरीदा हैं जिस पर टैक्स देना होता हैं जब आप उससे कोई प्रोडक्ट बना लेते हैं तो उस पर भी टैक्स लगेगा। इस स्थिति में आप उस टैक्स को फाइनल प्रोडक्ट पर लगे टैक्स में से घटा देते हैं जो रॅा मैटेरियल पर दिया था। इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट कहते हैं।
GST के लिए 18 परिषद समूह का गठन

बैंकिंग, वित्तीय एवं बीमा के लिए उपेंद्र गुप्ता, आयुक्त, जीएसटी नीतिगत प्रकोष्ठ, सीबीईसी एवं धनंजय आखाडे, संयुक्त आयुक्त, महाराष्ट्र, टेलीकॉम क्षेत्र के लिए अमिताभ कुमार, संयुक्त सचिव (टीआरयू-II), सीबीईसी और मुकेश कुमार मेश्राम, सीसीटी, उत्तर प्रदेश, निर्यात (ईओयू और एसईजेड सहित) के लिए डॉ. तेजपाल सिंह, एडीजी,

डीजीईपी, सीबीईसी एवं अमिताभ जैन, प्रधान सचिव, छत्तीसगढ़, आईटी एवं आईटी आधारित सेवाएं क्षेत्र के लिए एम. विनोद कुमार, मुख्य आयुक्त, सीबीईसी एवं सुश्री स्मारकी महापात्र, सीसीटी, पश्चिम बंगाल, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स के लिए जे.एम. कैनेडी, एडीजी, डीआरआई, सीबीईसी एवं सुश्री सुजाता चतुर्वेदी, प्रधान सचिव, बिहार, कपड़ा सेक्टर के लिए योगेंद्र गर्ग, आयुक्त, सीबीईसी एवं सुश्री मोना खांधर, सचिव (ईए), गुजरात, एमएसएमई (जॉब वर्क सहित) के लिए मनीष सिन्हा,

आयुक्त, सीबीईसी और जीएसटी परिषद एच. राजेश प्रसाद, आयुक्त, वैट, दिल्ली, तेल और गैस (अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम) क्षेत्र के लिए पी.के. जैन, मुख्य आयुक्त, (एआर), सीबीईसी एवं अनुराग गोयल, सीसीटी, असम, रत्न एवं जेवरात क्षेत्र के लिए रेयाज अहमद, निदेशक (टीआरयू) एवं डॉ. पी.डी. वाघेला, सीसीटी, गुजरात, सरकार द्वारा प्रदान की गई एवं प्राप्त सेवाएं के लिए डी.पी. नागेन्द्र कुमार, प्रधान आयुक्त, सीबीईसी एवं अरुण मिश्र,

अपर सचिव (सीटी) बिहार, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए अजय जैन, मुख्य आयुक्त, सीबीईसी एवं खालिद अनवर, वरिष्ठ संयुक्त सीसीटी, पश्चिम बंगाल, ई-कॉमर्स के लिए आर. श्रीराम, आयुक्त, सीबीईसी एवं ऋत्विक पांडे, सीसीटी, कर्नाटक, बड़ी बुनियादी ढांचागत सुविधाएं (रखरखाव, मरम्मत एवं पूर्ण निरीक्षण सहित हवाई अड्डे एवं समुद्री बंदरगाह, विद्युत क्षेत्र, आवास और निर्माण) के लिए संदीप प्रकाश, आयुक्त, सीबीईसी एवं जे. श्यामल राव सीसीटी, आंध्र प्रदेश,

यात्रा एवं पर्यटन के लिए श्रीमती एस. शर्मा, प्रधान आयुक्त, सीबीईसी एवं राघवेन्द्र कुमार सिंह, सीसीटी, मध्य प्रदेश (इंदौर), हस्तशिल्प के लिए प्रदीप गोयल, आयुक्त, सीबीईसी एवं सुश्री संगीता पी., सीसीटी, छत्तीसगढ़, मीडिया एवं मनोरंजन के लिए एम. श्रीनिवास, आयुक्त, सीबीईसी एवं ओमनारायण चैनसुखीजी भंगडिया, अपर आयुक्त, बिक्री कर, महाराष्ट्र, पुणे, दवा एवं फार्मास्यूटिकल्स के लिए ए.आर.एस. कुमार, आयुक्त, सीबीईसी एवं डॉ. एम.पी. रवि प्रसाद, संयुक्त सीसीटी, कर्नाटक, खनन के लिए एस.एन. सिंह, मुख्य आयुक्त, सीबीईसी प्रवीण गुप्ता, सचिव (वित्त), राजस्थान को नामित किया गया है।