…तो ये है महिलाओं के मूड स्विंग का कारण

नई दिल्ली। एक्सर महिलाओं में मूड स्विंग की परेशानी देखी जाती है, लेकिन आज तक ऐसा होने का कोई निश्चित कारण नहीं मिला है। इस मूड स्विंग के लिए हॉर्मोनल चेंज्स या असंतुलन के साथ-साथ मानसिक विकार भी जिम्मेदार हो सकता है। बता दें की महिलाओ में होने वाले इस हार्मोनल चेंज से उनमें अवसाद होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। एक शोध के अनुसार 20 फीसदी महिलाएं जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर डिप्रेशन से हो कर गुजरी हैं।

बार-बार मूड चेंज होना

बार-बार मूड बदलने का कारण आपके खून में मौजूद कोर्टीसोल नामक स्ट्रेस के बढ़ जाने की वजह से होता है। इससे आपका मूड काफी प्रभावित होता है। इसका एक कारण खराब लाइफस्टाइल और डिप्रेशन भी है।

इसे ठीक करने के लिए आपको सक्रिय रहना चाहिए और नींद पूरी लेनी चाहिए, साथ ही कैफिन का भी कम सेवन करना चाहिए।

निराशा या हताशा भरा मूड

आपका मूड अगर ऐसा होता रहता है तो इसका कारण थाइरॉइड में असंतुलन हो सकता है। साथ ही अगर आप ठीक से नहीं सोते या आपका वजन कम है या ज्यादा है तो भी आपको इस तरह का महसूस हो सकता है या मूड खराब हो सकता है। अगर आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में फायदेमंद बैक्टीरिया मौजूद नहीं है तो भी आपका मूड खराब हो सकता है।

चिड़चिड़पन

किसी को भी चिड़चिड़ाहट होने के दो कारण होते है, या तो वो इंसान भूखा है या उसे जल्दी गुस्सा आता है।

इससे निजात पाने के लिए आपको कम ग्लोइसेमिक वाला खाना खाना चाहिए।

मूड का काबू में ना होना

अगर आपका मूड बिना किसी कारण के बार बार खराब होता है या आपका आपके मूड पर काबू नहीं रहता तो ये एक तरह का बायपोल डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपकी खुशी की भावना या दुख की भावना या गुस्सा आदि काफी जल्दी और ज्यादा महसूस करते है।

इस तरह की हालत में आपको कॉम्पिलीमेंट्री, ऑल्टरेटिव थेरेपी, एरोमा थेरेपी आदि का सहारा लेना चाहिए।