योगी सरकार में भी है गांव की अविवाहित हालत

हरदोई। सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद दावे और वादे भले ही किये जा रहे हों लेकिन जमीनी हकीकत दखे तो योगी सरकार के सभी दावों और वादों पर पोल खोल दी है। इस गांव ने हरदोई जनपद में गंदगी के कारण गांव अविवाहित होता जा रहा है। जिनमें एक ऐसे ही गांव से आपको रूबरू कराएंगे जहां की जनता विकास के लिए रो रही है। युवा लड़के व लड़कियां अपनी शादियों को लेकर परेशान है। गांव में सरकार की सभी योजनाओं का अकाल पड़ा हुआ है। बिजली की व्यवस्था बदहाल है। देखिये यूपी के इस गंदगी के आम्बार पर बना अविवाहित गांव के लोगों की दुखद दास्तां जहां का भविष्य ही अधर में है।

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आपको बता दें कि जनपद हरदोई के मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित सवायजपुर विधानसभा का ये गांव जिसे भईलामौ के नाम से भी जाना जाता है। इस गांव के लोगों की ऐसी दुखद कहानी है जिसे सुन एक बार आप भी हैरान हो जाएंगे। इस गांव की आबादी लगभग 3 हजार नागरिकों का बसा हुआ है। अविकसित होने के कारण अविवाहित बनता जा रहा है। गांव में शिक्षा व्यवस्था शून्य है। गांव की जबरदस्त कहानी जहां आजादी के बाद बसे आज तक कोई विकास नहीं हुआ हैं। जैसे मानों कि सुविधाओं का अकाल सा पड़ा हुआ है। सूबे की योगी सरकार ने भी अभी इस गांव की ओर कोई ध्यान नहीं दिया हैं। अब यहां के लोग विकास के लिए सिर्फ अपने आंसू बहा रहे है। लेकिन जनप्रतिनिधि सिर्फ दावे और वादे ही करके चले जाते हैं। ये गांव हरदोई शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां से रजनी तिवारी भी 2 बार विधायक बान चुकी है, जो की बीएसपी यानी मायावती की पार्टी से थी और इस बार विरोध के कारण बीजेपी से सहाबाद में अपना कब्जा जमाया व् विधायक चुनी गयी।

सवायजपुर की जनता ने पहली बार माधवेन्द्र प्रताप सिंह को बीजेपी से विधायक चुना व उन पर अपना भरोसा कायम किया। लेकिन अफसोस यह है कि वही पुराना बेकार हालात बद से बदतर हो गए। गांव अविवाहित हो गया। इस बार बीजेपी से रजनी तिवारी पहली बार विधायक चुनी गई हैं। सूबे की सरकार के विधायक अपने वादों पर खरे नहीं उतर रहे, हरदोई के जिस में सवायजपुर विधानसभा के गांव काफी बदहाल हो गए है। जिनमें सबसे दुखद दास्तां बन गई है भईलामू गांव की जो की जहां गंदगी होने के कारण कोई भी अपनी बेटी देना नही चाहता है और न लेना चाहता है। जिससे शादियां भी रुक गई है। गांव की दास्तां बयान की है गांव के ही रहने वाले समाजसेवी अरविन्द मिश्रा ने व वहां के निवासी जगनू ने।