जिसकी कहानी पर बनी फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा’, उसी को नहीं मिली फूटी कौड़ी

बैतूल। शौचालय के लिए पति और ससुराल को छोड़ऩे का अभूतपूर्व साहस करने वाली विश्व की पहली महिला अनिता नर्रे के इस साहस की कहानी पर अब फिल्म मेकर द्वारा ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा’ शीर्षक से फिल्म बनाकर इसे रिलीज करने की तैयारी की जा रही है। लेकिन ताज्जुब की बात है कि जिस साहसी महिला अनिता नर्रे निवासी झीटूढाना पर यह फिल्म बन रही है, उसे फूटी कौड़ी तक फिल्म के डायरेक्टर ने देना मुनासिब नहीं समझा। उल्टे अनिता नर्रे को अंग्रेजी में तीन पन्नों का एग्रीमेंट साइन करने के लिए थमा दिया है। जिस पर अनिता ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तीन दिनों का समय मांग लिया है। अनिता का कहना है कि यदि उसे रायल्टी नहीं मिली तो वह कोर्ट केस करेंगी।

bollywood, Akshay Kumar, Anita Narre, bhumi Pednekar, toilet ek prem katha
toilet ek prem katha

बता दें कि फिल्म के रिलीज होने के पूर्व ही कॉपी राइट का कोर्ट केस अनिता न कर दे, इस भय से टायलेट एक प्रेमकथा फिल्म के डायरेक्टर नारायण सिंह और फिल्म की अभिनेत्री भूमि पेडनेकर रविवार को बैतूल जिले के ग्राम झीटूढाना पहुंचे और अनिता से मुलाकात की। इस दौरान कुछ सीन भी अनिता के साथ शूट किए गए हैं। इस दौरान अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अनिता के साहस की पूरी कहानी भी अनिता से सुनी और उसकी सराहना की।

वहीं अनिता नर्रे से मिलने के लिए झीटूढाना पहुंचे फिल्म डायरेक्टर नारायण सिंह और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने मुलाकात के दौरान अंग्रेजी में प्रिंट तीन पन्नों का एग्रीमेंट अनिता को साइन करने के लिए थमा दिया है। हालांकि अनिता ने इस एग्रीमेंट को साइन करने से मना करते हुए तीन दिनों का समय मांगा है। अनिता लगातार रायल्टी की मांग कर रही है। यदि उसे फिल्म की रायल्टी नहीं मिली तो वह न्यायालय की शरण में जाएगी।

साथ ही एक ओर जहां टायलेट एक प्रेमकथा फिल्म के डायरेक्टर पर फिल्म मेकर प्रवीण व्यास ने उनकी बनाई डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म मानिनी की स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाया है तो दूसरी ओर यदि अनिता नर्रे को फिल्म की रायल्टी नहीं दी गई तो वह भी अदालत का दरवाजा खटखटाने को तैयार है। ऐसे में टायलेट एक प्रेमकथा फिल्म विवादों में उलझ सकती है। हालांकि व्यास की बातों को काउंटर करने फिल्म के डायरेक्टर नारायण सिंह और एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर को लेकर बैतूल के गांव जीतूढाना पहुंचे थे।

टायलेट एक प्रेम कथा फिल्म के डायरेक्टर नारायण सिंह और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर को मुम्बई से बैतूल जिले के ग्राम झीटूढाना आकर अनिता नर्रे का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ा? यह सवाल आमजन में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। जानकारों का मानना है कि यह पूरा ड्रामा फिल्म के डायरेक्टर द्वारा अपने आप को कानूनी शिकंजे से बचाने की कवायद है। दरअसल टायलेट एक प्रेम कथा की होशंगाबाद में हुई शूटिंग के बाद से ही बैतूल के आदिवासी अंचल में टायलेट नहीं होने पर पति और ससुराल का घर छोड़ऩे वाली अनिता नर्रे की कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई थी। इस बीच फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई और फिल्म रिलीज के लिए तैयार हो गई। ट्रेलर भी जारी हो गया।

इस बीच फिल्ममेकर प्रवीण व्यास ने उनकी बनाई डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म मानिनी की स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाते हुए टायलेट एक प्रेमकथा के डायरेक्टर नारायण सिंह को कानूनी नोटिस जारी किया और फिल्म विवाद के साथ चर्चा में आ गई। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्क्रिप्ट चोरी का मामला प्रमाणित हो जाए तो टायलेट एक प्रेमकथा के डायरेक्टर बड़े आपराधिक षड्य़ंत्र में फंस सकते हैं। लगता है इन्हीं सब कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए टायलेट एक प्रेमकथा के डायरेक्टर ने किसी कानूनी सलाहकार की सलाह पर माया नगरी मुम्बई से बैतूल का रुख किया और अनिता नर्रे के दरवाजे पर पहुंचे। उन्होंने अनिता नर्रे को उनके साहसिक कदम पर बधाई देकर फिल्म के लिए कुछ अंश शूट भी किए।

अब जब फिल्म बनकर तैयार है और ट्रेलर भी रिलीज हो गया है तो ऐसे में अनिता नर्रे तक पहुंचना सिर्फ अपने आप को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए की जा रही कवायद के अलावा और कुछ नहीं लगता है। हालांकि अनिता नर्रे ने भी फिल्म निर्माता से अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए रायल्टी की मांग की है। अब फिल्म निर्माता और अनिता नर्रे के बीच जो भी समझौता होता है वह अनिता नर्रे को एक बार फिर प्रसिद्धि और आर्थिक लाभ दिलवाएगा, यह तय है। साथ ही फिल्म निर्माता भी स्क्रिप्ट चोरी के झंझटों से बच सकते हैं। जानकारों की मानें तो यही है फिल्म डायरेक्टर और अभिनेत्री के बैतूल के ग्राम झीटूढाना पहुंचने की असली कथा।