प्रदेश की बिगड़ी और जर्जर व्यवस्था सरकार को विरासत में मिली: योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार को एक बिगड़ी और जर्जर व्यवस्था विरासत में मिली है। सूबे में बीते 14-15 सालों में यहां सत्ता में रहीं अन्य सरकारों के भ्रष्टाचार और परिवारवाद के कारण जनता त्रस्त हो चुकी थी। सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने जनता के कल्याण और उत्थान के लिए प्रभावी कार्यवाही शुरू की। योगी ने बृहस्पतिवार को एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा कि पूर्व सरकारों के कार्यकाल में यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। प्रदेश विकास की दौड़ में पूरी तरह से पिछड़ चुका था। बदहाल कानून-व्यवस्था, बेलगाम नौकरशाही, कार्यालयों में अनुपस्थित कर्मचारी, धूल खाती फाइलें, कार्यालयों में दलालों का जमावड़ा यह उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी थी।

सीएम ने 100 दिनों के काम-काज का जिक्र करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाया गया है। आला आधिकारियों को समय से कार्यालय में अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धान्त पर कार्य कर रही है। सरकार बिना किसी भेद-भाव के समाज के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है।

किसानों के लिए कटिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के विकास और उत्थान के लिए कटिबद्ध है। पिछले कई सालों से दैविक आपदाओं के चलते किसानों की स्थिति बदहाल हो गई थी। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लगभग 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के एक लाख रु. तक के फसली ऋण माफ करने का निर्णय लिया है। जिस पर लगभग 36 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। राज्य सरकार इस चुनौती का सामना वित्तीय अनुशासन तथा अनावश्यक खर्चों में कटौती करके करेगी। इस ऋण माफी के कारण न तो जनता पर कोई बोझ डाला जाएगा और न ही प्रदेश के विकास की रफ्तार धीमी पड़ेगी।

सरकार ने किया किसानों की फसल खरीदने का फैसला

योगी ने कहा कि किसानों के आर्थिक विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए और उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने किसानों की फसल खरीद का निर्णय लिया। जिसके तहत प्रदेश में 5 हजार से अधिक गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित किए गए। इन केन्द्रों पर किसानों से सीधे गेहूं खरीद की जा रही है। अब तक 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की जा चुकी है और खरीद मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से सीधे किसान के खाते में किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीद के लक्ष्य को 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन किया जाएगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी प्रयास करेगी।

खत्म हुआ पूर्व सरकार का वीआईपी कल्चर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान विद्युत वितरण की वीआईपी व्यवस्था थी। जिसके तहत 5 खास जनपदों को 24 घण्टे बिजली सप्लाई की जाती थी। जबकि प्रदेश के अन्य जनपद अंधेरे में डूबे रहते थे। राज्य सरकार ने इस ‘वीआईपी कल्चर’ को समाप्त किया है। अब सभी जिलों को समान रूप से बिजली का वितरण किया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 22 करोड़ जनता को भरपूर बिजली उपलब्ध कराना है। वर्तमान सरकार क्षेत्र, जाति और मजहब के आधार पर भेद-भाव नहीं करती है। अब हर जिला मुख्यालय को 24 घण्टे, तहसील मुख्यालय में 20 घण्टे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घण्टे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घण्टे में और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे में बदलना सुनिश्चित किया जा रहा है।

गड्ढा मुक्त हुई 85 हजार किमी लम्बी सड़क

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के तुरन्त बाद ही राज्य सरकार ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की और पाया कि लगभग 1 लाख 21 हजार किमी लम्बी सड़कें गड्ढा युक्त थीं। किसी भी प्रदेश के त्वरित और चैमुखी विकास में सड़कों की अहम भूमिका होती है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने इन सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त किए जाने के निर्देश सम्बन्धित विभागों को दिए। अभी तक 85 हजार किमी0 लम्बी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। किन्हीं कारणवश लक्ष्य प्राप्ति नहीं हो सकी है, जिसे अब बरसात के बाद प्राप्त कर लिया जाएगा। प्रदेश की अवस्थापना सुविधाओं को सुधारने और बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है।

लागू होगी नई खनन नीति

योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में खनन की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई खनन नीति लागू की है। इसी प्रकार भू-माफिया से अवैध कब्जे हटवाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लगभग 1 लाख 53 हजार कब्जे चिन्हित किए जा चुके हैं, जिन पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार वन माफिया, भू-माफिया तथा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अन्य माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भी कानून को चुनौती देगा उसके खिलाफ तुरन्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता और सरकार के बीच मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया सकरात्मक भूमिका निभा कर प्रदेश के विकास में भागीदार होता है।