1 जुलाई से लागू किया जाएगा वस्तु और सेवा कर: अरूण जेटली

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्तमंत्री जेटली का कहना है कि वस्तु और सेवा कर को 1 जुलाई से लागू किया जाएगा। साथ ही अरूण जेटली ने कहा कि बैंकों का खराब प्रदर्शन और किए जा रहे निजी निवेशक अभी भी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अरूण जेटली का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने के बावजूद निजी उद्योग द्वारा किया जानेवाला निवेश संतोषजनक नहीं है। यह स्थिति बैंकों से जूड़ी हुई है। मंत्री ने कहा कि एक जुलाई से वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जा रहा है और वैश्विक विकास में भी सकारात्मक रुझान दिख रहा है, इसलिए इन दो चुनौतियों से पार होना होगा। जेटली ने कहा कि लेकिन यहां तीसरी चुनौती भी है – देशी उद्योग में निवेश का चक्र बढ़ाना, जिसका भी बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन से संबंध है।

बता दें कि अरूण जेटली ने पहले कहा था कि विकास का समर्थन करने के लिए बैकों को मजबूत स्थिति में होना जरूरी है और अगर उनके पास बड़ी संख्या में गैर-निष्पादित संपत्तियां हैं तो इससे उनकी क्षमता प्रभावित होती है। जेटली ने कहा कि बकाया परिवाद से उधार के माहौल को नुकसान पहुंचता है। सरकार ने पांच मई को एक अध्यादेश लाकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सरकारी बैंकों के फंसे हुए कर्जो से निपटने की शक्ति प्रदान की थी।

साथ ही जेटली ने पहले कहा था कि सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज की समस्या सुलझाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें संपत्तियों की बिक्री, गैर लाभकारी शाखाओं को बंद करना, पुर्नपूंजीकरण जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संकटग्रस्त संपत्तियों की एक सूची है, जिस पर आरबीआई गौर कर रही है। जिससे वस्तु और सेवा कर में सहयोग मिलेगा।