वाटर फैक्ट्री की आड़ में लगाई जा रही थी शराब की फैक्ट्री, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखण्ड में जहां एक तरफ हाईकोर्ट ने आगामी वित्त वर्ष से राज्य में पूर्ण शराबबंदी का फैसला सुनाया है। वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार मिनरल वाटर की फैक्ट्री की आड़ में शराब बनाने की फैक्ट्री लगाने की तैयारियां कर रही है। मामला देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कीर्तिनगर ब्लाक के डडुवा गांव का है जहां पर मिनरल वाटर फैक्ट्री की जगह शराब फैक्ट्री लगाने का काम किया जा रहा था।

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शराब फैक्ट्री बनने की खबर जैसी ही ग्रामीणों को लगी उन्होंने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन पर राज्य सरकार ने यह कहकर अधिग्रहण किया था कि वो लोग वाटर फैक्ट्री लगाकर गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में शराब की फैक्ट्री स्थापित होने से समाज पर गलत असर पड़ेगा, साथ ही गांव का वातावरण भी प्रदूषित होगा।

बताया जा रहा है कि 18 अक्टूबर 2016 को राज्य सरकार द्वारा दिल्ली की एक निजी कंपनी डडुवा गांव में औद्योगिक प्रयोजन से 4 हैक्टेयर भूमि शराब व बीयर की फैक्ट्री लगाने के लिए दी गई थी, लेकिन जैसी ही इस बात का पता ग्रामीणों को चला तो उन्होंने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

इस मामले में ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत तक पहुंचेंगे।