खरमास खत्म होते ही गूंजेगी शहनाईयां, जुलाई तक 45 शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। खरमाह समाप्त होने के बाद प्रदेश में फिर से शहनाइयां गूंजने लगेंगी। विवाह के मुहूर्त अब 16 अप्रैल से शुरू होकर तीन जुलाई तक रहेंगे। इन चार महीनों में 45 दिन मुहूर्त है। सर्वाधिक 18 मुहूर्त जून में है। सबसे कम सिर्फ 3 मुहूर्त जुलाई में रहेंगे। सबसे अधिक जोड़े अक्षय तृतीया पर 29 अप्रैल को दांपत्य सूत्र में बंधेंगे। इसके बाद दो जुलाई को भड़ली नवमी पर भी बड़ी संख्या में विवाह होंगे। अक्षय तृतीया और भड़ली नवमी अबूझ मुहूर्त माने जाते हैं।

पंडित लखन शास्त्री के अनुसार खरमास 13 अप्रैल को समाप्त होगा। जुलाई तक 45 दिन के मुहूर्त रहेंगे। बैसाख शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया को मानने को लेकर पंचांगों में विभिन्नता सामने आने से लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसी पंचांग में 28 अप्रैल और किसी में 29 अप्रैल। ज्यादातर पंचांगों में 28 अप्रैल की अक्षय तृतीया को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस दिन मांगलिक व शुभ कार्यों की शुरुआत भी की जा सकती है। इस दिन भगवान विष्णु का अभिषेक कर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। इस तिथि को अक्षय तृतीया या अक्ती कहने के पीछे कई मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं। अक्ती 28 अप्रैल को मनाई जाएगी, लेकिन कुछ ज्योतिष इस वर्ष 29 अप्रैल को भी अक्ती बता रहे हैं। इस तरह से अक्षय तृतीया को लेकर मतभेद की स्थिति है।

नवंबर-दिसंबर में केवल 15 दिन ही शुभ मुहूर्त

साल के अंतिम दो माह नवंबर.दिसंबर में केवल 15 दिन ही विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इसके पूर्व 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी पर विवाह होंगे पर इनकी संख्या काफी कम रहेगी। इसके बाद नवंबर में 19 से 23 व 27 से 30 तक और दिसंबर में 3,4,5,9 व 10 तारीख को विवाह मुहूर्त रहेंगे।

अबूझ मुहूर्त मानते हैं

आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली या मड़लिया नवमी कहते हैं। इस वर्ष भड़ली नवमी 2 जुलाई को है। इस तिथि को विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मड़लिया नवमी विवाह के लिए अक्षय तृतीया के समान ही अबूझ मुहूर्त मानते हैं। इस दिन शादी की जा सकती है। जिन लोगों के विवाह के लिए कोई मुहूर्त नहीं निकलता, उनका विवाह इस दिन किया जाए, तो उनके वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होता।

किस महीने में कितने मुहूर्त

अप्रैल: 16, 17, 18, 19, 23, 28, 29 व 30

मई: 4, 6, 7, 8, 9,10, 11, 12, 13, 15, 16, 21, 22, 26, 27, 31

जून: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10,11, 12, 17, 18, 19, 22, 27, 30

जुलाई: 1, 2, 3