तीन तलाक को बैन करने के लिए शीत सत्र में कानून ला सकती है केंद्र सरकार

नई दिल्ली।  तीन तलाक बंद करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वो छह महीने के अंदर तीन तलाक को पूरी तरह बैन करने के लिए कानून बनाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर ये अटकले लगाई जा रही है कि केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में तीन तलाक को पूरी तरह से बैन करने वाला बिल ला सकती है, जिसके लिए सरकार ने एक मंत्री समूह बनाया है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 22 अगस्त को तीन तलाक अंसवैधानिक करार दे दिया था।  वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूरे साल में बजट,मानसून और शीतकालिन सत्र के दौरान सिर्फ 38 दिन ही संसद चली।

उन्होंने कहा कि इसने 70 साल का रिकार्ड तोड़ा। गुलाम ने कहा कि जो लोग सदन की सीढ़ी चूम कर आए थे वो अब लोगों के हितों पर चर्चा करने से भाग रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दे के सवाल भी सदन में पूछे जाने चाहिए, लेकिन सरकार विपक्ष के प्रश्नों से बचना चाहती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएमओ ही सारे फैसले लेता है। सदन में रक्षा डील पर सवाल पूछा जाता है,लेकिन सरकार बस चुनाव करने कराने में ही लगी हुई है।

उन्‍होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पीएम मोदी के जहाज पर चढ़ने पर पैसा नहीं जोड़ा था ताकि वे किसी राज्य में एकाध बार जा सकें. पर ये पीएम तो जहाज से उतरते ही नहीं है। इसी के साथ कांग्रेस एक और नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार को डर है कि चर्चा चली तो गुजरात में हालत खराब हो जाए। खड़गे ने कहा कि मोदी जी भूल गए हैं कि वो डेमोक्रेसी में काम नहीं कर रहे मनमानी कर रहे हैं।