एंटिगा में गेंदबाजों ने बिखेरा अपना जलवा, 93 रनों से की जीत हासिल

ऐंटिगा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया तीसरा एक दिवसीय मैच पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा। मैच में टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम ने पहले गेंदबाजी चुनी और भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को 50 ओवरों में चार विकेट पर 251 रनों पर रोक दिया। इसके बाद, मौका मिलते ही भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज टीम को 158 रनों पर भी ढेर कर दिया। ऐसे में भारत को तीसरे वनडे मैच में 93 रनों की जीत मिली। इस जीत के साथ भारत ने पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त ले ली है। बतादें कि पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

भारत की जीत में महेंद्र सिंह धोनी (78), अंजिक्य रहाणे (72) की संघर्षपूर्ण पारियों के साथ रविचंद्रन अश्विन और कुलदीप यादव की फिरकी का अहम योगदान रहा। रहाणे और धोनी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, तो अश्विन और कुलदीप ने तीन-तीन विकेट लेकर विंडीज को मामूली लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया।

बता दें कि विंडीज की शुरुआत खराब रही। उमेश यादव ने दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर इविन लुइस (2) को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद काइल होप (19) और शाई होप (24) ने टीम को 54 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर हार्दिक पंड्या ने काइल को केदार जाधव के हाथों कैच पर दूसरी सफलता दिलाई। चार रन के बाद कुलदीप ने रोस्टन चेस (2) को अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। यहां से भारतीय गेंदबाज विंडीज पर हावी हो गए और लगातार विकेट लेते रहे। मेजबान टीम की तरफ से जैश मोहम्मद ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए। उन्होंने केरन पावेल (30) के साथ छठे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी कर संभालने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। पहला ओवर फेंकने आए जाधव ने पहली ही गेंद पर केसरिक विलियम्स को आउट कर विंडीज को पविलियन भेज दिया। पूरी टीम 38.1 ओवरों में ही पविलियन लौट गई।

इससे पहले, भारतीय पारी की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन (2) तीसरे ओवर में ही पवेलियन लौट गए। आक्रामक विराट कोहली 22 गेंदों में 11 रन बना सके जिसमें दो चौके शामिल थे। वह 10वें ओवर की तीसरी गेंद पर 34 के कुल स्कोर पर आउट हुए। आमतौर पर तेजी से रन बटोरने वाली भारतीय टीम को अपना अर्धशतक पूरा करने के लिए 15वें ओवर की पहली गेंद का इंतजार करना पड़ा। भारत के 100 रन 27वें ओवर की पहली गेंद पर पूरे हुए, लेकिन अगली गेंद पर लेग स्पिनर देवेंद्र बिशू ने युवराज सिंह को पविलियन भेज दिया। तेज तर्रार पारी खेलने वाले युवराज ने 55 गेंदों में चार चौकों की मदद से 39 रन बनाए।

इसके बाद पूर्व कप्तान धोनी ने रहाणे का साथ दिया और चौथे विकेट लिए 70 रन जोड़े। यह जोड़ी भी विंडीज गेंदबाजों की नपी तुली लाइन लैंथ के कारण खुलकर नहीं खेल सकी और 16 ओवरों में 4.37 की औसत से ही रन जोड़ पाई। इस तरह संघर्षपूर्ण और जुझारू पारी की बदौलत भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवर में सिर्फ 251 रन तक ही पहुंच सकी।