जिस बीजेपी ने यशवंत सिन्हा को वित्त मंत्री बनाया आज वो उसी की आलोचना कर रहे हैं : प्रसाद

पटना।  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस वार्त कर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के हमलों का जवाब दिया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यशवंत सिन्हा जी जिस भाषा का प्रयोग कर रहे है वो अशोभनिय हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यशवंत सिन्हा को देश के वित्त मंत्री का पद दिया आज वहीं बीजेपी वित्त विभाग की आलोचना कर रहे हैं, ये कितने शर्म की बात है।

गौरतलब है कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने हाल ही में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बयान दिया था। अपने इस बयान में सिन्हा ने केंद्र सरकार का जमकर आलोचना करते हुए कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर से गुजर रही है,जिसके लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली जिम्मेदार है। अखबाराे में छपे अपने लेख में यशवंत सिन्हा ने देश की ग्रोथ रेट पर सवाल खड़े किए थे। यशवंत सिन्हा के इस लेख की बीजेपी के कई नेताओं ने जमकर आलोचना की थी, वहीं अब इस क्रम में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी शामिल हो गए है।

रविशंकर प्रसाद ने तीखे अंदाज में यशवंत सिन्हा को जवाब देते हुए कहा कि वो बीजेपी ही थी जिसने सिन्हा को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। बीजेपी ने ही उन्हें विपक्ष का नेता बनाया था और साल 2004 के चुनावों में हार के बार राज्यसभा भेजा था। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश और विदेश में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरा देश और यहां तक कि विदेश में भी नरेंद्र मोदी के उठाए गए कदमों की वजह से उनकी प्रशंसा हो रही है। यशवंत सिन्हा की टिप्पणी पर नाराजगी प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा के ऐसे बयान पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देना अनुचित है।

गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता  कीर्ति आजाद ने भी हाल ही में वित्त मंत्री अरूण जेटली पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि देश के पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के सवालों का जवाब देने की जगह वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली का उन पर व्यक्तिगत हमला करना अनुचित है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की राजनीति पर सवाल उठते हुए कीर्ति आजाद ने कहा था कि अरुण जेटली ने एक बार भी चुनाव नहीं जीता है और ऐसे में वे जनता का दर्द भला कैसे समझ पाएंगे? उन्होंने कहा था कि अगर कोई देश की अर्थव्यवस्था की धीमी गति का आरोप लगाता है तो ऐसे में वित्त मंत्री को इसे गंभीरता से लेते हुए उसका जवाब देना चाहिए।