टेस्ट क्रिकेट को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की जरूरत : सचिन

नई दिल्ली। भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने शनिवार को कहा कि अगर टेस्ट क्रिकेट को दर्शकों के लिए रोचक बनाना है तो उसे और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की जरूरत है। सचिन का मानना है कि उन्हें नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट गर्द में जा रहा है। हालांकि उन्होंने इस बात को माना कि खेल के लंबे प्रारुप में दर्शकों की संख्या दिन ब दिन कम हो रही है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के कार्यक्रम लीडरशिप समिट के 14वें संस्करण के दूसरे दिन एक परिचर्चा में सचिन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट टी-20 और एकदिवसीय के प्रभाव से दूर है।

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सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच अच्छी और कड़ी प्रतिस्पर्धा की बात पर जोर दिया। उन्होंने सुनिल गावस्कर- इमरान खान, विवियन रिचर्ड्स-जैफ थॉमसन, स्टीव वॉ- कर्टली एम्ब्रोस के बीच पुरानी प्रतिस्पर्धा के उदाहरण दिए कहा कि टेस्ट क्रिकेट को रोचक बानने के लिए इसी तरह की प्रतिस्पर्धा की जरूरत ताकि दर्शक टेस्ट से बंधे रह सकें।

मैदान पर दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए सचिन ने कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यह अजीब लग सकता है लेकिन टेस्ट क्रिकेट दो गेंदों कुकाबुरा और एसजी तथा दो पिचों पर खेला जा सकता है। सचिन ने कहा कि बदलाव के तौर पर टेस्ट मैच की एक पारी घांस युक्त पिच पर खेली जाए और दूसरी पारी पाटा विकेट पर। उन्होंने साथ ही कहा कि अधिकारी लगातार दो श्रृंखला करा सकते हैं दो घर में और दो घर से बाहर। इस दिग्गज बल्लेबाज ने विराट कोहली के नेतृत्व वाली टेस्ट टीम की जमकर सराहाना की है और इसे उस टीम के बराबर बताया है जिसमें ‘फेव-5’ होते थे। उन्होंने कहा कि टीम में सही संतुलन है और उसे सिर्फ सही मार्ग दर्शन की जरूरत है जोकि मुख्य कोच अनिल कुंबले दे रहे हैं।