शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर मंथन जरूरी बोले सीएम त्रिवेन्द्र रावत

देहरादून। उच्च शिक्षा में गुणावत्ता बढ़ाने के साथ सुलभता पर सूबे की त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार लगातार प्रयास में लगी हुई है। बीते मंगलवार को उच्च शिक्षा में गुणात्मक एवं संख्यात्मक प्रबंधन विषय पर दून विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में सीएम रावत ने प्रतिभाग करते हुए शिक्षाविद और छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। सीएम ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जो मंथन चल रहा है, इसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा किराज्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सुनिश्चित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणात्मक एवं संस्कारपूर्ण शिक्षा की ओर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। विद्यालयों में छात्रों को सिलेबस के अलावा विभिन्न क्षेत्रों की जानकारियां प्रदान करना भी जरूरी है। शोध के क्षेत्र में विशेष प्रयास करने की जरूरत है, ऐसे शोध किये जाने चाहिए जो राज्य के लिए जीवनदायनी साबित हों। जिन शोधों से राज्य में क्रान्तिकारी परिवर्तन हो सके।

इसके साथ ही उन्होने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई है। 877 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा 01 जनवरी, 2018 से दीक्षांत समारोह में ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया जा रहा है। ड्रेस कोड उत्तराखण्ड की संस्कृति के आधार पर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीसी, एनएसएस, कौशल विकास एवं उद्योगों को विश्व विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.बी.सी.मलकानी, अपर सचिव, उच्च शिक्षा डॉ रंजीत सिन्हा, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कुलपति एवं प्राचार्य उपस्थित थे।