वादियों और धार्मिक स्थलों के एक साथ दर्शन के लिए जाएं ‘भीमताल’

देहरादून। भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अगर सुकून के कुछ पल चाहिए तो घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो ऐसी एक बढ़िया जगह हैं तो आपका मन अच्छा कर सकती है। अगर आप वादियों के नजारे के साथ ऐतिहासिक जगह देखने के शौकीन हैं तो उत्तराखंड के भीमताल में ये सफर बेहतरीन होगा।

 

हरी-भरी पहाड़ियों से भरा मैदान और पहाड़ अपने आप में एक खूबसूरत नजारा है। अंग्रेजों ने भीमताल को स्विटजरलैंड से भी ज्यादा खूबसूरत माना था। अंग्रेज इसे वेस्ट मोर लैंड ऑफ कुमाऊं के नाम से बुलाते थे। भीमताल में ट्रेकिंग करना एक बेहद रोमांचक भरा नजारा होगा। ट्रेकिंग के लिए नलदमयन्ती, च्यवन ऋषि आश्रम व हिडम्बा पर्वत, महाराज जिन्द पैलेसे जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर भी जाया जा सकता है। भीमताल इलेक्ट्रानिक घाटी के रुप में भी जानी जाती है।

भीमताल से ही लगी एक और सुन्दर प्राकृतिक झील नौकुचियाताल है। भीमताल से चार किमी की दूरी पर स्थित यह झील अपनी प्राकृतिक बनावट के कारण आकर्षण का केंद्र बना रहता है।भीमताल से ही लगभग 10 किमी की दूरी पर स्थित सात झीलों का एक समूह है जिसे सातताल के नाम से जाना जाता है। इस झील समूह में राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, नल दमयन्ती, गरूड़ व सूखाताल प्रमुख है। ये ताल एकांत में स्थित हैं जहां आप शांत होकर बैठ सकते हैं।